छपरा (सारण)। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत स्थानीय जिला स्कूल में लैंगिक संवेदीकरण विषय पर “सखीवार्ता” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लैंगिक समानता, महिला सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक (DMC) निभा कुमारी ने कहा कि समतामूलक समाज के लिए स्त्री-पुरुष दोनों को समान अवसर और सम्मान मिलना अनिवार्य है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह, बाल श्रम, यौन उत्पीड़न और साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबरों—112 (आपातकालीन सेवा), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181/1091 (महिला हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर फ्रॉड)—के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से निर्भीक होकर उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्राचार्य ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और सुरक्षा का आधार है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी को एक भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने को विद्यालय की प्राथमिकता बताया। शिक्षकों ने भी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन नीलू कुमारी ने अत्यंत सहज और प्रभावी ढंग से किया। समापन पर सभी प्रतिभागियों ने एक सुरक्षित और समावेशी समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर सुजाता श्री (लैंगिक विशेषज्ञ), मो0 इमामुद्दीन, रत्नम कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। यह आयोजन युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।