जब-जब आसुरी शक्तियों के द्वारा पाप, हिंसा और अत्याचार बढ़ जाता है तब-तब भगवान विष्णु इस धरा धाम पर अवतार लेकर आसुरी शक्तियों का नाश करते हैं:गोविन्द जी महाराज
#सुरभि तिवारी
तरैया:06अप्रैल 2018
स्थानीय वाईडीबीएस कॉलेज परिसर में श्री कृष्ण प्रणामी धर्म श्रीप्राणनाथ सेवा आश्रम ट्रष्ट के तत्वधान में दस दिवसीय योग शिविर एवम संगीतमय भागवत कथा के छठे दिन कथा के दौरान गोविन्द जी महाराज जी ने कहा कि जब यह श्रुष्टि नही थी पांचों तत्व ,पंचतन्मात्रा, दस इन्द्रिय,तीन गुण, सत असत कुछ भी नही था ।उस समय माया अंधकार से परे अक्षरातीत पुरुषोत्तम श्री राज श्यामाजी अपने परमधाम में अपनी बारह हजार आत्माओ के साथ नित्य नवतन लीलाएं करते थे ।उन्ही आत्माओ को भवसागर के असत ,जड़ ,दुःख रूपी लीला देखने की इच्छा हुई अतःअपनी आत्माओ की इच्छा पूर्ण करने लिए पुरुषोत्तम भगवान ने इस नारायणी सृष्टि की रचना अक्षर ब्रह्म के द्वारा करवाई और जब धर्म की रक्षा के लिए भगवान विष्णु देवकी वासुदेव के सामने जब बाल रूप धारण किये उसी समय भगवान विष्णु के कलेवर में अक्षरातीत परब्रह्म और अक्षरब्रह्म दोनो अपनी आवेश शक्ति के साथ विष्णु के बाल रूप में प्रवेश कर गए ।उसी स्वरूप को वासुदेव जी नंद के घर पहुँचा दिए ।उसी रात को परमधाम की बारह हजार सखियो ने गोपियों के तन में प्रवेश कर गई ।फिर वृन्दावन में उसी समय से परमधाम की ब्रह्मलीला प्रकट हो गई तब भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया गया ।श्री कृष्ण की महिमा का गुणगान करते हुए महाराज जी ने कहा कि धरती पर जब जब आसुरी शक्तियों के द्वारा पाप हिंसा अत्याचार आदि बढ़ जाता है तब तब भगवान विष्णु इस धरा धाम पर अवतार लेकर आसुरी शक्तियों का नाश करते हैं और धर्म, साधु ,वेद गौ,आदि की रक्षा करते हैं ।लेकिन इस अवतार में परब्रह्म उत्तम पुरुष अक्षरातीत पुरुषोत्तम की लीला प्रकट हुई जिस लीला को हृदय में धारण का साधारण मनुष्य जी अखण्ड मुक्ति को प्राप्त कर सकता हैं इस तरह वृन्दावन में श्री कृष्ण के परब्रह्म स्वरूप अक्षरातीत की लीला हुई अतः अक्षरातीत श्री कृष्ण ही पूर्ण ब्रह्म है जो हम सभी ब्रह्मात्माओं के स्वामी है।संगीतमय भागवत कथा के छठे दिन का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलित कर इसुआपुर जिला पार्षद प्रियंका सिंह ने किया।उक्त मौके पर धीरज कुमार सिंह,डॉ त्रिलोकी नाथ सिंह, उपेन्द्र सिंह, नंदकिशोर सिंह, मुखिया प्रतिनिधि ब्रजकिशोर सिंह,डॉ रंजीत सिंह,रोहित राय उर्फ बिट्टू राय,टीवीएस संचालक पवन कुमार सिंह व अन्य मौजूद थे।
*चन्द्रभेदी प्राणयाम करें दाँते होंगी मजबूत:गोविन्द जी महाराज*
योग विज्ञान शिविर के छठे दिन गोविन्द जी महाराज ने
दांत, मुँह गला,आवाज और शरीर जलन के रोगियों के लिए चन्द्रभेदी ,शीतली ,शीतकारी,आदि प्राणायाम को विशेष रूप से कराया गया गले और आवाज के रोगियों को सर्वांगासन ,सिंहासन,हास्यासन्न,आदि कराया गया ।साथ ही बच्चों के लम्बाई बढ़ाने हेतु ताड़ासन,वृक्षासन,सर्वांगासन,
पश्चितमोआसन, आदि करवाये गए।