छपरा में चल रहे दो दिवसीय समाधि शताब्दी समारोह संपन्न

छपरा : वुधवार को रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम परिसर में सन्यासियों के प्रवचन से भक्तिभाव से सराबोर भक्तों ने शांत मुद्रा में ज्ञान की बातों को श्रवण किया।जहां पर स्वामी परमहंस दयाल अद्वैतानंद जी महाराज के जीवन यात्रा के जन्म से समाधिस्थ होने तक के तथ्यों को बिंदुवार भक्त लोगों ने सुना।लगभग पांच हजार की संख्या में उपास्थि श्रद्धालु भक्त संत मुख से अमृत वाणी का श्रवण के लिए जुटे रहे।आस्था की डोर से बंधे भक्तों के लिये स्वामी जी से जुड़ाव ऐसा कि मूसलाधार बारिश में भी आश्रम व वाटर प्रूफ पंडालों में लोगों ने दो दिनों तक शरण ले रखा और कष्ट को तनिक भी चहरे पर महसूस नहीं होने दिया।प्रवचन करने वाले संतों और स्वामी जी के अनुवाईयों में स्वामी श्री ब्यासानंद जी महाराज,स्वामी श्री प्रमेश्वर सानन्द जी महाराज,स्वामी श्रीमाधव प्रकाशानंद जी महाराज, स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी,महाराज, स्वामी श्री
योगानंद जी महाराज, स्वामी श्री
परामसेवा नंद जी महाराज, स्वामी श्री धर्मानंद जी महाराज,डॉ बि के सिंह, डॉ सुशील कु सिंह, डॉ (प्रो) लाल बाबू यादव समेत अन्य वक्ताओं ने अमृत वाणी की वर्षा कर भक्त जनों के धर्म ज्ञान का पाठ पढ़ाया।गौर तलब हो कि श्री परमहंस दयाल अद्वैतानंद जी महाराज के जन्मस्थली छपरा में दो दिवसीय समाधि शताब्दी समारोह आयोजित था।छपरा के दहियावा मुहल्ले के ब्राह्मण परिवार में जन्मे स्वामी परमहंस दयाल अद्वैतानंद जी महाराज 09 जुलाई 1919 को पाकिस्तान के टेरी में ब्रह्मलीन हुये थे।जिनके प्रदेश व देश मे हजारों की संख्या में अनुवाई है।

*दो दिनों तक आश्रम में चलता रहा भंडारा-*
ब्रह्म विद्यालय में मंगलवार व बुधवार को लगातार भंडारा चलता रहा।जहां पर भक्तों का पंगत में प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा था।एक पंगत में एक हजार के आसपास लोग बैठ प्रसाद ग्रहण कर रहे थे।इस तरह लगभग दो दिनों तक तीस-चालीस हजार लोगों ने आश्रम में प्रसाद स्वरूप भोजन किया।प्रसाद तैयार करने में भक्त महिलाएं व पुरुष सैकड़ो की संख्या में दिन रात लग कर पूण्य कमा रहे थे।फल,सब्जी
,खाद्य सामग्री से लेकर सभी सामानों की ब्यवस्था भक्तों के द्वारा ही की गई थी।




Recent Comments