खागा:सरस्वती नदी पुनरूध्दार जल यात्रा निकली
ए.के.केशकर
खागा ​16 जून।ससुर खरेदी सरस्वती नदी पुनरुद्धार हेतु निकाली गई जल यात्रा के चौथे दिन प्रातःकाल रोशन पुर टिकारी , गणेश दास पुर, घुरी, बुद्धवन बरकतपुर ,अलीपुर भादर में जलयात्रा में चल रहे पद यात्रियों ने जल संगोष्ठी का आयोजन किया इन संगोष्ठियों में अभियान के मार्गदर्शक स्वामी विज्ञानानंद जी ने त्रिवेणी के महत्व में मां सरस्वती  की भूमिका पर जानकारी दी उन्होंने बताया कि गंगा,यमुना और सरस्वती इन तीनों नदियों का स्वरूप और अस्तित्व सामान्य रूप से था लेकिन कालांतर में हुए भौगोलिक परिवर्तन के कारण सरस्वती नदी का अस्तित्व ख़त्म हो गया। और अवशेष भूमि पर जनमानस ने  अतिक्रमण कर लिया। जिससे इस नदी का स्वरुप ही खत्म हो गया। जिससे ना सिर्फ धार्मिक, ऐतिहासिक एक नदी का अस्तित्व ख़त्म हो गया। बल्कि जनपद फतेहपुर , कौशाम्बी ,इलाहाबाद के लोगों का आजीविका का संकट भी खड़ा कर दिया। जरूरत है इन तीनों जनपदों के प्रभावित जनसमुदाय एक जन आंदोलन के रूप में इस नदी को अपने पुराने रूप में लाने हेतु प्रयास करें । इसी क्रम में ससुर खरेदी सरस्वती नदी पूर्णोद्धार  अभियान के संयोजक राजेंद्र प्रसाद साहू ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नदी , नीर और नारी समाज के लिए अति आवश्यक होती है। नदी के बिना आजीविका, नीर के बिना जीवन और नारी के बिना एक गृहस्थी का चलना असंभव होता है। इसलिए इन तीनों को सुसज्जित बनाए रखना समाज के हित में होगा इनका शोषण अतिक्रमण समाज के लिए संकट खड़ा कर सकता है। इतिहास गवाह है कि जब जब इस देश में सामाजिक परिवर्तन आया है तो महिलाओं ने ही अग्रणी भूमिका निभाई है मां सरस्वती के पूर्णोद्धार  हेतु पद यात्रा के दौरान पड़ने वाले सभी गांव में महिलाओं ने शपथ पूर्वक कहां हम इस अभियान के साथ हैं । सभी गांव के ग्राम प्रधान और सदस्यों ने शपथ पूर्व क्या कहा कि हम नदी को स्वयं , ग्रामवासी तथा सरकारी योजना से  पुनर्जीवित  करने हेतु हमेशा तैयार रहेंगे । पद यात्रा के के चौथे दिन यात्रा में स्वामी रमेश आनंद जी योगाचार्य , स्वामी श्री कृष्ण आनंद , बलराम मौर्य, सतराम मास्टर , रामधनी यादव , रामसनेही पटेल, अंगद ,अखिलेश कुमार तिवारी ,प्रदीप तिवारी, विवेक, मयंक , अनुज कुमार मिश्रा, सौरभ तिवारी अखिलेश कुमार ,राजा राजकुमार सम्राट, चंद्रगुप्त राजेश कुमार सिंह ,अमोल सिंह नेहरू युवा संगठन टीसी के रमेशचंद्र, रत्नेश कुमार, कामता आदि उपस्थित रहे।