सारण/तरैया। प्रखंड के तरैया बाजार स्थित खदरा नदी के निर्माणाधीन पुल के बगल में बने डायवर्सन से जल निकासी नहीं होने के कारण नदी के उत्तरी छोर में बसे दर्जनों गांव के खेतों में लगे धान के बिचरा व अन्य फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं। बता दें कि निर्माण कंपनी द्वारा पुल का निर्माण काफी धीमी गति से किया जा रहा है, जिस कारण लगभग दो सालों से निर्माण कार्य प्रगति पर है। पिछले दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पूरा क्षेत्र जलमग्न हुआ है। वहीं नदी में बने डायवर्सन का ऊंचाई कम होने के कारण और डायवर्सन से पानी का निकासी कम मात्रा में हो रहा है। जिस कारण उतरी छोर में बसे लोगों के खेतों में अधिक मात्रा में पानी जमा हो गए हैं। खेत में लगे पानी के कारण धान के बिचरे एवं अन्य फसलें बर्बाद हो रही हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर पोखरेड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया वीर बहादुर राय ने तरैया अंचलाधिकारी को एक लिखित शिकायत दी है। जिसमें कहा गया है कि खदरा नदी पर बन रहे पुल के डायवर्सन से पानी का निकासी नहीं हो रहा है। जिस कारण लौवां, पिपरा, चकिया, सिरमी, शीतलपट्टी, सानी खराटी, पोखरेड़ा, गलीमापुर, चैनपुर, मुकुन्दपुर, उसरी समेत अन्य गांव के किसानों का धान का बीज एवं मक्का की फसलें नष्ट हो गए हैं। इसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं, कि अगर समय रहते पानी का निकासी नहीं किया गया तो लोगों के घर में भी पानी घुस जायेगा। पूर्व मुखिया ने संबंधित शिकायत की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी सारण एवं अनुमंडल पदाधिकारी मढ़ौरा को भी भेजा हैं। जिसमें उन्होंने मांग किया है कि किसानों की फसलों की क्षति का मुआयना कर सहायता राशि दिया जाए।*