कश्मीर घाटी में सेना पर पत्थरबाजी करने वालों पर की जाए सख्त कार्रवाई: मुकेश शर्मा
भैरु सिंह राजपुरोहित ब्यूरो चीफ बीकानेर
बीकानेर 2 मई। आज विश्व हिन्दू परिषद ने  कश्मीर में सेना के जवानों पर कश्मीरी युवकों द्वारा पत्थरबाजी करने और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलक्टर के जरिये ज्ञापन सौपा ।
ज्ञापन में मांग करते कहा की पत्थर बाजों और उन्हें संरक्षण देने वालों को सबक सिखाने के लिए सेना के जवानों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री खुली छूट दें। जिससे कश्मीर में हो रही आतंकी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और पत्थरबाजों को एक सबक मिल सके।
विश्व हिन्दू परिषद के महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रांत की कश्मीर घाटी में सेना, सुरक्षा बल पर पत्थरबाजी की घटनाएं निरन्तर बढ़ती जा रही है। विगत दिवस जब सेना आतंकवादियों से मुठभेड़ कर रही थी। उस समय स्थानीय भीड़ ने वहां से सेना पर हमला कर दिया। श्रीनगर के उपचुनाव में यह दु:साहस अधिक बढ़ गया। सेना के जवानों से सामान छीनना, मारपीट करना जैसी घटनाएं हुई है। जब सुरक्षा बल उनके विरूद्ध कोई कार्रवाई करते हैं तो अनेक मानवाधिकार संगठन इस जैसी घटनाओं के समर्थन के विरूद्ध खड़े हो जाते है। तथा सेनिकों पर दण्डात्मक कार्रवाई के लिए विवश कर देते है। जिससे सेना का मनोबल टूटता है।
राष्ट्रभक्त नागरिकों की भावना और स्वाभिमान आहत होता है। यह केवल पत्थरबाज नहीं अपितु आतंकवादी ही है। अनेक विरूद्ध बरती गई नरमी इनके दु:साहस और संख्या दोनों को बढ़ाती है। जब-जब भी कश्मीर घाटी में आपदा आई है तब-तब सेना के जवानों ने सेवा की। बाढ़ आने पर स्वयं के प्राण त्यागकर कश्मिरियों की जान बचाई। भारतीय सेना भारत देश के जन-गन-मन का गौरव है। विश्व हिन्दू परिषद के महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि भारतीय सेना राष्ट्रीय सेना अस्मिता के संरक्षण है। भारतीय सेना पर देश के प्रत्येक नागरिक को गर्व है। सेना के अपमान पर राष्ट्रीय आक्रोशित होता है। सेना का अपमान इस देश के नागरिकों का अपमान है, इसलिए पत्थरबाजों के विरूद्ध आतंकवादियों की तरफ कार्रवाई करने की खुली छुट सेना को मिलनी चाहिए जो मानवाधिकार जैसे संगठन इन पत्थरबाजों के समर्थन खड़े है। उन पर भी आज तक किसी भी कानून के अंतर्गत कठोर कार्यवाही हो ताकि घाटी में राष्ट्रदोह का जन्म ना ले सके।