एक्जिट पोल : अगर सर्वे करने वाली एजेंसी निष्पक्ष हो तो सर्वे के नतीजे लगभग एकदम सही और सटीक होते है

नवीन सिंह परमार

🔺19 मई को आए एक्जिट पोल के रिपोर्ट को लेकर सत्ता पक्ष, विपक्ष सहित देश के बुद्धिजीवियों की अलग – अलग विचार आ रहें हैं । कोई इसे सही कह रहा है तो इसे सरासर गलत करार दे रहा है ।
रवीश कुमार, पुण्य प्रसून वाजपेयी जैसे ब्रह्मांड के एकमात्र निष्पक्ष व काबिल पत्रकारों की टोली तो एक कदम आगे बढ़ कर पूरे के पूरे एक्जिट पोल को ही सरकार के द्वारा प्रायोजित करार दे रहें हैं ।
कुल मिलाकर वर्तमान में एक्जिट पोल व EVM यही दोनों अभी चर्चा के केंद्र में हैं ।
एक्जिट पोल के संबंध में मुझे जो जानकारी हैं, उसके अनुसार अभी जिस एक्जिट पोल की चर्चा हो रही है । यह एक्जिट पोल ना होकर इसे पोस्ट पोल सर्वे कहना ज्यादा उचित रहेगा ।
आमतौर पर यह सर्वे विभिन्न एजेंसियों के द्वारा चुनाव के बाद मतदाताओं से बातचीत कर के किया जाता है ।

मेरा स्पष्ट मानना है कि अगर सर्वे करने वाली एजेंसी निष्पक्ष हो तो इस सर्वे के नतीजे लगभग एकदम सही और सटीक होते है ।
अगर एजेंसी के लोग ठीक प्रकार से सर्वे करे तो इसका रिजल्ट 95 प्रतिशत तक सही और सटीक आते हैं ।
मैं इतना विश्वास से इसलिए कह पा रहा हूँ कि 2004 के लोकसभा चुनाव, 2009 के लोकसभा चुनाव, 2010 के बिहार विधान सभा चुनाव व 2014 के लोकसभा चुनाव में मैं भी विभिन्न एजेंसियों के साथ इस पोस्ट पोल व प्री पोल सर्वे का हिस्सा रहा हूँ ।
2004 व 2009 के लोकसभा चुनाव में एजेंसी के एक कार्यकर्ता के नाते सर्वे का हिस्सा रहा तो 2010 के बिहार विधान सभा चुनाव व 2014 के लोकसभा चुनाव में तो टीम लीडर बन कर विधिवत सर्वे का नेतृत्व करने का कार्य किया ।
2004 के चुनाव में नया था तो कुछ तकनीकि गलतियां हुई, लेकिन 2009 , 2010 व 2014 के चुनाव के बाद पोस्ट पोल सर्वे का बहुत ही अच्छा अनुभव रहा और मैं यह गर्व से कह सकता हूँ कि 2010 के बिहार विधान सभा चुनाव व 2014 के लोकसभा चुनाव में मेरे टीम के द्वार किया गया पोस्ट पोल सर्वे एकदम सही और सटीक रिजल्ट दिए थें ।
इस बार के चुनाव में भी हमारी टीम ने दो लोकसभा क्षेत्र के लिए चुनाव के पूर्व प्री पोल सर्वे किया हैं । इस बार कुछ परिवारिक परेशानियों के कारण पोस्ट पोल सर्वे में हिस्सा नहीं ले पाया ।
कुल मिलाकर एक बात कहना हैं कि यह सर्वे विश्वसनीय होते हैं, बशर्ते सर्वे करने वाली एजेंसी गलत नही करना चाहें ।
यह सर्वे का काम एकदम व्यवसाय होता है । इस सर्वे के रिजल्ट पर एजेंसी की साख टिकी होती है । कोई भी एजेंसी चाहे कितनी भी पैसे आफॅर दे दिया जाए लेकिन वह अपने साख से खिलवाड़ नहीं करेगी ।
कुल मिलाकर एक बात स्पष्ट है कि इस बार सभी सर्वे एजेंसियों का रिपोर्ट सही व सटीक हो यही ईश्वर से प्रार्थना है ।
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[ एक्जिट पोल : अगर सर्वे करने वाली एजेंसी निष्पक्ष हो तो सर्वे के नतीजे लगभग एकदम सही और सटीक होते है ।]
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