सेंट्रल डेस्क।  राष्ट्रीय उद्यान,वन्यजीव अभयारण्य और पर्यावरण संरक्षण जैसेमुद्दों पर NTCAके सदस्य राजीव प्रताप रुडी ने की चर्चा17 अप्रैल 2021 । भाजपा केराष्ट्रीय प्रवक्ता सह सारण सांसद राजीव प्रताप रुडी ने आज उत्तराखंड केमुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात देहरादून केमुख्यमंत्री कार्यालय में हुई। मुलाकात के दौरान उत्तराखंड में राष्ट्रीय उद्यानोंऔर पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सांसद ने मुख्यमंत्री रावत से कहाकि उत्तराखंड अपनी अनूठी जैव-विविधता के लिए प्रसिद्ध है। उत्तराखंड पौधों औरजानवरों की दुर्लभ प्रजातियों का घर है। इनका संरक्षण और अभयारण्यों का विकासपर्यावरण और पर्यटन के विकास के लिए अति आवश्यक है। मुलाकात के दौरान राज्य सरकारके मंत्री अरविंद पांडेय और गणेश जोशी भी मौजूद थे। विदित हो कि सांसद रुडी नेशनल टाइगर कन्जरवेटर ऑथोरिटी के सदस्यऔर अभयारण्यों के विकास के लिए गठित केंद्रीय टीम के अध्यक्ष है। इसकारण देशभर के राष्ट्रीयउद्यान और वन्यजीव अभयारण्य का दौरा करते रहते है। उत्तराखंड में भी 6 राष्ट्रीय उद्यान,7 वन्यजीव अभयारण्य,4 संरक्षण और 1 बायोस्फीयर रिजर्व हैं। मुलाकात के पश्चात पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुडी ने कहा कि उत्तराखंड मेंविभिन्न क्षेत्रों में भाजपा सरकार ने विकास का नया आयाम स्थापित किया है। राज्यके विभिन्न क्षेत्रों में भौगोलिक और जलवायु विविधता के कारण विभिन्न वन प्रकारहिमालय से लेकर तराई के मैदानों तक फैले हुए पाए जाते हैं। राज्य में मौजूद जैवविविधता के कारण कुल भौगोलिक क्षेत्र का 12 प्रतिशत संरक्षित क्षेत्र है। जिसमें कॉर्बेट नेशनल पार्क,नंदा देवी राष्ट्रीयउद्यान, फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान, राजाजी नेशनल पार्क,गंगोत्री नेशनल पार्कऔर गोविंद राष्ट्रीय उद्यान शामिल है। इसके साथ ही उत्तराखंड पौधों और जानवरों कीदुर्लभ प्रजातियों का घर है, जिनमें से कई अभयारण्यों और भंडार द्वारा संरक्षित हैं। रुडी ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गये प्रयासप्रशंसनीय है। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्वमें केंद्र सरकार द्वारा देश में वन्य जीव संरक्षण,पर्यावरण और पर्यटन केविकास के लिए कई काम किये जा रहे है। देश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों के लिएरेल, हवाई और सड़क मार्ग को बेहतर किया जायेगा जिसके लिए रोड मैप तैयार किया जा रहाहै।