✍️परवेज अख्तर/सिवान;
सीवान। इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन का 32वां राज्य सम्मेलन 19 से 22 दिसंबर को सिवान में होगा। सम्मेलन की सफलता की तैयारी के लिए 12 नवंबर को स्वागत समिति की बैठक की जाएगी। बैठक में शहर के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं विभिन्न धर्मनिरपेक्ष दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। यह निर्णय रामराज्य मोड़ के समीप संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता गोरियाकोठी अंचल सचिव नवीन कुमार ने की।
बैठक में तय किया गया कि देश के पहले छात्र संगठन एआईएसएफ से जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। 15 हजार छात्र-छात्राओं को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बैठक में तय किया गया कि 19 नवंबर को एआईएसएफ का जिला सम्मेलन सिवान शहर में होगा। वहीं 6 नवंबर को संगठन के राज्यव्यापी आह्वान पर जिलाधिकारी के समक्ष उपवास किया जाएगा।
    वहीं एआईएसएफ की जिला संयोजन समिति को भी पुनर्गठित किया गया। 21 सदस्यीय जिला संयोजन समिति गठित हुई। जिसमें शशि कुमार को जिला संयोजक, राजकमल, प्रेम कुमार, तारिक रजा, नवीन कुमार, इकरार अहमद को सह संयोजक एवं नंद जी को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
      बैठक में मौजूद एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार ने कहा कि एआईएसएफ देश का पहला छात्र संगठन है। जिसने आजादी के आंदोलन में छात्रों को संगठित कर देश को आजाद कराने में निर्णायक भूमिका अदा की थी। सिवान की क्रांतिकारी धरती पर पहली बार एआईएसएफ का पहली बार राज्य सम्मेलन हो रहा है। जिसमें कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय हस्तियां शामिल होंगे। जिला संयोजक शशि कुमार ने कहा कि सभी छात्राओं एवं एससी-एसटी के छात्रों को पीजी तक मुफ्त शिक्षा का आदेश राज्य सरकार ने जुलाई 2015 में दिया है। हर वर्ष सरकार को कालेजों को पैसा लौटाना है। बावजूद जिला एवं राज्य के कॉलेजों में नामांकन के वक्त पैसा लिया जा रहा है और सरकार भी पैसा नहीं लौटा रही है। इसके खिलाफ संगठन के राज्यव्यापी आह्वान पर सभी जिलों में एक दिवसीय उपवास किया जाएगा।बैठक में मौजूद मजदूर नेता चंद्रमा सिंह ने कहा कि छात्रों का राज्य सम्मेलन ऐतिहासिक एवं यादगार होगा।
बैठक में शिक्षक नेता राकेश सिंह,अशोक कुमार प्रसाद, गोरख नेता, बदरे आलम, अभिषेक सिंह,प्रशांत यादव, रवि कुमार, विजेंद्र कुमार,प्रिंस कुमार,चंदन कुमार मौजूद थे।