क्या आप चाहते हैं कि बिहार मे भी शिक्षित लोगों को बेरोजगारी भत्ता मिले ?

◆क्या आप भी समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग के अधिकार की लड़ाई लड़ाई में शामिल होना चाहते हैं ?

पटना(अनूप नारायण सिंह) :
पटना स्न्नातक निर्वाचन क्षेत्र से ताल ठोक रहे विश्वजीत सिंह के इस महाअभियान के बारे में जानिए वे कहते है की क्या आप भी चाहते हैं कि बिहार में भी शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी मिलने तक एक तय मासिक रकम बेरोजगारी भत्ता के रूप मे दिया जाए जैसा कि भारत के दूसरे राज्यों में दिया जा रहा है?

तो हमारे संगठन स्नातक अधिकार बोर्ड (SAB) द्वारा चलाए जा रहे अभियान “बिहार मांगे बेरोजगारी भत्ता” में सहभागी बने और शिक्षित बेरोजगारों को उनका अधिकार अधिकार दिलवाने में और समाज कल्याण में अपनी भूमिका ज़रुर निभाएं।आप सब साथियों के सहयोग, समर्थन और सुझाव के अनुरूप स्नातक अधिकार बोर्ड ने “बिहार मांगे बेरोजगारी भत्ता” मुहिम को शुरू और संचालित करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए संगठन का विस्तार पूरे बिहार राज्य में करने की शुरुआत कर दी है।

अभी SAB का संगठनात्मक विस्तार बिहार के सभी जिलों में किये जाने की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझते हुए स्नातक अधिकार बोर्ड के सदस्य बनने और समर्पित रूप से संगठन में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के इच्छुक सभी व्यक्ति कृपया जुड़ने के लिए इस लिंक

मुहिम से जुड़ें

पर दबाएँ (क्लिक करें) एवं वहां पे मांगी गई जानकारी भर दें एवं उसके बाद “जमा करें” बटन को दबा दें ।समयानुसार आपसे संपर्क कर लिया जाएगा ।

इस तरह शुरुआत सम्पूर्ण बिहार में सदस्य बनाने से होगी। उसके बाद सदस्य आपस में ही प्रखंड और फिर जिला स्तरीय पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे। फिर जिला स्तरीय पदाधिकारी मिलकर स्नातक अधिकार बोर्ड के राज्यस्तरीय पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे। इस संस्था का संगठनात्मक चुनाव पूरी तरीके से लोकतांत्रिक तरीके से होगा एवं सदस्य ही इसके मूल में होंगे एवं पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार ही इसके सारे पदाधिकारी भी चुने जायेंगे । उसके बाद संगठन की बाकी सारी बची प्रक्रियाएं भी विधिवत पूरी की जाएंगी।

अभी बेहतरीन और पूर्णतः अनुकूल समय है अपनी मांगों को उठाने का क्योंकि बिहार में 2020 अप्रैल में विधान परिषद् का चुनाव होना है जिसमे की सिर्फ स्नातक मतदाता ही मतदान कर सकते हैं । और फिर उसके तुरंत बाद अक्टूबर 2020 में बिहार विधान सभा का चुनाव होना है । इसी समय सरकार और अन्य दलों पर अपनी मांगो को लेकर सबसे ज्यादा दबाव बनाया जा सकता है ।

SAB( स्नातक अधिकार बोर्ड) शिक्षित लोगों खासकर स्नातकों के हितों और अधिकारों के लिए समर्पित एवं संकल्पित है। वर्तमान मे हमारी प्राथमिकताएं निम्नलिखित हैं।
1. स्नातक/युवा आयोग का गठन जिसकी संरचना संवैधानिक हो एवं जिसे स्नातकों के हित में हर फैसला लेने के लिए वित्तीय स्वायतता प्रदान की गयी हो ।

2. बिहार सरकार की नौकरियों में बिहार राज्य के अभ्यर्थियों को बहाली में प्राथमिकता दिया जाए और स्थानीय आरक्षण लागू किया जाए जैसा की कई दूसरे राज्यों में है ।

3. निजी संस्थाओं/ एम्प्लॉयमेंट एजेंसी एवं नौकरी के लिए इक्षुक लोगों के बीच समन्वय एवं सेतु की भूमिका भी निभाएगा SAB । जिन लोगों को निजी नौकरी की तलाश है वे लोग इस लिंक https://snaatakadhikaarboard.com/index.php/jobs
पर दबाएँ (क्लिक करें) एवं वहां पे मांगी गई जानकारी को भरने के बाद “जमा करें” बटन को दबा दें । समयानुसार आपसे भी संपर्क कर लिया जाएगा ।

4. जब तक की इक्षुक लोगों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिल जाती तब तक सरकार को अन्य राज्यों जैसे की पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि की तरह उन लोगों को मासिक बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान करना अत्यंत आवश्यक है ।

5. बिहार में सरकारी नौकरियों से संबंधित परीक्षा, रिक्तियां एवं बहाली में जो अनियमितताएं एवं त्रुटियां हैं उसका निराकरण किया जाए एवं प्रक्रिया को सुचारू किया जाए। तमाम सरकारी रिक्तियां भरी जायें ।

6. सरकार द्वारा नौकरी के नए परिवर्तनात्मक आयाम, विकल्प और का सृजन ।
SAB के संथापक एवं संयोजक विश्वजीत सिंह का जन्म पटना जिले के बाढ़ अंतर्गत सलालपुर ग्राम में सन 1981में हुआ। इसके बाद उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुबारकपुर ग्राम के स्कूल ,दीघा(पटना)अंतर्गत सत पॉल हाई स्कूल ,महरौली (दिल्ली )अंतर्गत सावन पब्लिक स्कूल में हुई । एवं उसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया उसके पश्चात दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी (CLC)से वकालत की डिग्री ली । तत्पश्चात उह्नोने पटना उच्च न्यायलय में बतौर सरकारी कनीय अधिवक्ता के रूप में वकालत की शुरुआत की ,बाद में वह निजी प्रैक्टिस करने लगे जिसके दौरान उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की और कई महत्वपूर्ण मुकदमों का हिस्सा बने । साथ ही साथ ये अपने छात्र जीवन एवं उसके बाद के जीवन में अभी तक लगातार सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से काफी सक्रिय रहे हैं । सन 2012 से लगातार यह स्नातक हित की दिशा में लगातार काम करते रहे हैं और आगे भी सम्पूर्ण रूप से लक्ष्य की प्राप्ति तक इस विषय पर काम करने के लिए दृढ संकल्पित हैं ।