अकबर कभी जीता नहीं और महाराणा कभी हारे नहीं-कुमुद रंजन सिंह

बिहार शरीफ : जब जब परिवार फूटेगा,तब तब दुश्मन लूटेगा।

अकबर कभी जीता नहीं और महाराणा कभी हारे नहीं।

अकबर की सेना में जहां शक्ति था। वहीं महाराणा के दिल में शक्ति था।

महाराणा राज महलों में नहीं रहते थे।वे सचमुच के बैरागी राजा थे।
जो बिना बिस्तर सोते थे।
अपने सेना के साथ साथ रहते थे। जिसके कारण भीलो, आदिवासियों और तमाम गरीब गुरबा उन्हें राजा नहीं अपना नायक मानता था।

अकबर ने महाराणा प्रताप से समझौता के लिए 8 बार टोडरमल,मानसिंह, भगवान दास, जलाल खान आदि को समझौता करने के लिए भेजा।

अकबर ने उन्हें समझौता मान लेने हेतु राजी करने के लिए
आधा हिंदुस्तान तक ऑफरकर दिया था।
पर महाराणा ने प्रस्ताव को ठुकराते हुए हुए कहा
*साम्राज्य नहीं हम सम्मान* के भूखे हैं।

उपरोक्त बात आज 9 मई को राष्ट्रीय राजपूत महासभा द्वारा महाराणा महोत्सव आयोजन के उद्घाटन भाषण करते हुए राष्ट्रीय राजपूत महासभा के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी कुमुद रंजन सिंह ने उद्गार व्यक्त किये।

इस अवसर पर जिला जमुई महासभा के जिला अध्यक्ष मृगांक शेखर सिंह ने कहा कि आज महाराणा प्रताप जी का 480 वां जन्मोत्सव है इनका जन्म 9 मई 15 40 ईसवी में अपने ननिहाल पाली मारवाड़ में हुआ था।ये राजा उदय सिंह और माता रानी जयवंत कवंर की पहली संतान थे।

इनकी मृत्यु शेर के शिकार करने के दौरान घायल हो जाने के कारण 58 वर्ष की उम्र में
19 जनवरी 1597 को अपने राज्य की राजधानी मेवाड़ में हुआ था।
जमुई के बिहारी स्थित निजी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के
अवसर पर संजीव कुमार सिंह ने कहा की 7:50 फुट लंबे महाराणा के सामने अकबर कभी युद्ध करने का हिम्मत नहीं जुटा सका। क्योंकि अकबर की नाटे कद का था।

1576 की हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा और अकबर के सेनापति मानसिंह के बीच का युद्ध ऐतिहासिक जीत माना जाता है जिसमें महाराणा के 20000 सैनिकों ने मानसिंह के नेतृत्व में अकबर की 80000 से अधिक सैनिकों को परास्त कर दिया था।

राष्ट्रीय राजपूत महासभा के सिद्धनाथ कुमार सिंह ने कहा कि
सच्चाई है की महाराणा के साथ देने वाले घोड़ा चेतक, सहयोगकर्ता भामाशाह सहित सभी सहयोगियों का ऐतिहासिक सर्वोच्चता प्रदान किया गया है।

ऐतिहासिक सत्य है की
अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन जब भारत आ रहे थे।
तब उनकी मां ने भारत से उपहार में महाराणा प्रताप के हल्दीघाटी के मिट्टी लाने को कहा था।

इस अवसर पर कई लोगों पिंटू कुमार राजू कुमार सौरभ कुमार पंकज कुमार

राणा सिंह शुभम सिंह पिकु सिंह अंशु सिंह दीपक राठौर सत्यम सिंह सुप्रीत सिंह ऋतुराज आलोक सिंह शिवम् सिंह आकाश सिंह अजय सिंह गुलशन सिंह डॉक्टर सीनू ने अपने विचार व्यक्त किए।