🛑 मांडलगढ़ उप चुनाव 🛑
10 दिनो में तीसरी बार आ रही महारानी, सीटे हारी तो ?? हटेगे दामोदर व परनामी :
✍”दैनिक खोज खबर” ऑन-लाईन हिन्दी न्यूज वेबपोर्टल के लिए मांडलगढ़, मेवाड, भीलवाडा,राजस्थान से वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मेहता की रिपोर्ट:-मांडलगढ़ विधानसभा सीट भाजपा के लिये महत्वपूर्ण से भी अब अति महत्वपूर्ण सीट बन गई है और मेवाड की इस धरा का सौभाग्य है कि महारानी राजे इन 10 दिनो में 3 बार व चुनावी माहौल में चौथी बार आ रही है. चुनावी इतिहास में इस तरह किसी मुख्यमंत्री का इस क्षैत्र में आना पहला कदम है.
इसमें 2 बार मांडलगढ़ व 1 बार बिजौलियां में रात्री विश्राम किया है ? मुख्यमंत्री राजे के आने से कार्यकर्ता रिर्चाज हो रहे है और राजे के जाते ही फिर … सब कुछ मौन ? राजे के इस तरह थोडे थोडे अंतराल में आने से साफ संकेत लग रहे है कि भाजपा के लिये यह सीट गडबड झाला में उलझ रही है ? अपने राम ने 25 जनवरी को ही बताया था कि सब कुछ ठीक रहा तो ठीक वरना गडबड झाला हुवा तो राजे 27 को फिर आ सकती है । बिगौद कस्बा मांडलगढ़ विधानसभा का तीसरा बडा कस्बा है और 9 से 10 हजार तक वोटर है.
राजे की आज बिगोद की यात्रा से पहले गलियों में सफाई व बस स्टेण्ड साफ सुथरा नजर आया है। वोटो के लिये राजे यहां कुछ मुख्य जगहो पर ठहर कर सब को खुश करने का प्रयास कर सकती है. अलवर में भाजपा की हालत कमजोर दिखाई दे रही है तथा अजमेर व मांडलगढ़ में भी कांटे की टक्कर में हार व जीत के दरवाजे पर खडी है. मुख्यमंत्री के हिसाब से सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाये तो बिगोद की गलियां कम चौडाई की है लेकिन वोटो के लिये आमजन व स्थानीय कार्यकर्ताओ को खुश करने का यह अचुक हथियार भी है.
पिछले अतित को फिर याद किया जाये तो गुजरात के चुनावो से पहले ही भाजपा जिला संगठन की मनमानी व स्थानीय को नजर अंदाज करने से लेकर आज तक वो सिलसिला जारी है जिसका नुकसान सीधे साधे भाजपा प्रत्याशी के लिये आज परेशानी का सबब बन रहा है । मांडलगढ़ में चुनावी शुरूवात हुई तबसे ही कानो में मच्छरो की तुन तुनाहट की आवाज की तरह गुटबाजी की आवाजे निकलने लगी थी और अब वो आवाज आगे तक पहुंच.
गई जिसका परिणाम सामने है ? मुख्यमंत्री मांडलगढ़ सीट को लेकर चिंतित है और अपनी तरफ से पूरी ताकत झोंक रही है लेकिन अभी तक भी गुटबाजी फैलाने वालो की नब्ज नही टटोल पा रही है. अगर राजस्थान में भाजपा यह सीटे हार जाती है तो साफ साफ लग रहा है कि भीलवाडा भाजपा जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष परनामी भी हटाये जा सकते है क्योकि इसी साल फिर चुनाव सामने है ?
देखे आज फिर महारानी वसुंधरा जी राजे बिगोद में शक्तीसिंह [ जिला प्रमुख ] के जिला परिषद के निर्वाचित क्षैत्र में रोड शौ कर क्या कुछ कर पायेगी या नहीं ? इन 2 दिनो में मतदान से पहले भाजपा का गुब्बारा भरकर फूटता दिखाई देगा या फिर जीत की और उडता दिखाई देगा …. यह तो आगे, बस .. राम ही जाने ?? 🤷🏼♂ 🤷♀




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