👉भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा “भोजपुरी पुरूषार्थ व शौर्य  की भाषा है ” 👈


👉भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के मंच से डीजीपी ने  दिया शराबबंदी व दहेज विरोधी अभियान का संदेश  👈

💢देश के प्रथम राष्ट्रपति व भोजपुरिया मांटी की आन-बान-शान के प्रतिक देशरत्न डाक्टर राजेन्द्र बाबू के जयंती के अवसर पर रविवार को  आखर परिवार के द्वार बिहार के सीवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के  पंजवार में आयोजित भोजपुरिया महाकुंभ आठवां भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन का उद्घाटन बिहार पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय  ने दीप प्रज्वलित कर के किया । इस मौके पर मंच पर उपस्थित थे विधान पार्षद प्रोफेसर विरेन्द्र नारायण यादव, पूर्व पुलिस अधिकारी धूर्व गुप्ता, मोहन प्रसाद विद्यार्थी, सौरभ पाण्डेय, प्रोफेसर मुन्ना पाण्डेय सहित भोजपुरिया क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन संजय कुमार सिंह ने किया ।  इस मौके उपस्थित जन-समुह को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि स्वाभिमान वहीं होता है जहां शौर्य व पुरूषार्थ रहता है । भोजपुरीया समाज में शौर्य व पुरूषार्थ दोनों है इस लिए ही सुदूर ग्रामीण अंचल में भोजपुरिया स्वाभिमान के नाम पर इतना बड़ा सम्मेलन आयोजित हो रहा है । उन्होंने कहा कि मैं एक भोजपुरिया हूॅ, इस बात का मुझे हमेशा गुमान रहता है । डीजीपी ने कहा कि जो मनुष्य अपनी मातृभाषा व मातृभूमि से प्रेम नही करता वह मनुष्य के नाम पर कलंक है ।

👉गीतों के माध्यम से दिया शराबबंदी का संदेश : भोजपुरी स्वाभिमान सम्मेलन के मंच से  एक ओर जहां डीजीपी श्री पाण्डेय ने भोजपुरी भाषा,  साहित्य व संस्कृति के प्रति जमकर लोगों का उत्साहवर्धन किया वहीं इस मंच का उपयोग उन्होंने बिहार सरकार के शराबबंदी कानून का समर्थन , बाल विवाह का विरोध व दहेज के विरोध शुरू किए गए अभियान का भी अपने गीतों के माध्यम से किया । डीजीपी के इस खूबसूरत प्रयास को उपस्थित जन-समुह ने हाथों-हाथ लिया । लोगों के उत्साह का ही कारण रहा कि डीजीपी श्री पाण्डेय ने एक से बढ़कर एक भोजपुरी गीत प्रस्तुत कर के सरकार के शराबबंदी कानून के पक्ष में माहौल बनाया साथ ही साथ दहेज दानव के खिलाफ लोगों को जागरूक ही नही किया बल्कि उपस्थित जन-समुह , विशेषकर हजारों की संख्या में उपस्थित छात्र – छात्राओ को दहेज न लेने व न देने का संकल्प भी दिलाया ।




👉तीन किमी लंबी थी भोजपुरिया गौरव यात्रा :रविवार को पंजवार में आयोजित भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन का शुभारंभ हर वर्ष की भांति भोजपुरिया गौरव यात्रा से हुआ । यह यात्रा विद्या मंदिर पुस्तकालय से शुरू होकर पुरा गांव भ्रमण करते हुए सम्मेलन स्थल पर पहुँचा। सम्मेलन में सैकड़ो की संख्या में स्कूली बच्चे व आखर परिवार के सदस्य शामिल थे । गौरव यात्रा लगभग तीन किलोमीटर लंबी थी ।

👉मंगलचरण से हुआ सम्मेलन की शुरुआत :आखर परिवार द्वारा आयोजित भोजपुरिया महाकुंभ आठवां भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन की शुरुआत रविवार को प्रोफेसर निरुपमा सिंह के द्वारा गाए गए मंगलचरण से हुआ । इस मौके पर तबला पर पंडित रवैया पाण्डेय ने संगत किया । कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर ही आखर परिवार के भोजपुरिया कलाकार चंदन तिवारी, शैलेन्द्र मिश्र व श्रद्धा सिंह सिसोदिया का परिचय कराया गया ।

👉भोजपुरिया कैलेंडर का हुआ  लोकार्पण:सम्मेलन में भोजपुरिया कैलेंडर का लोकार्पण डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय सहित अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया ।  भोजपुरीया स्वाभिमान को बढानेवाले 12 महानुभावों के जीवन विवरण और चित्र इस  कैलेंडर के माध्यम से आखर परिवार ने प्रसारित किया है ।

👉लोकलहरी की टीम की प्रस्तुति रह शानदार : गोपालगंज से आए लोकलहरी की टीम के द्वारा आधुनिक रूप से प्रस्तुत किया गया भोजपुरी लोक संगीत को लोगों ने खूब सराहा । लोकलहरी की टीम ने एक से बढ़कर एक भोजपुरी गीत प्रस्तुत कर लोगों के बीच अपनी विशेष पहचान बना ली । टीम का निर्देशन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की शोध छात्रा ऋचा वर्मा ने किया ।

👉आरा से आए बच्चों की टीम ने सबको याद दिलाई बचपन :संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा से आए बच्चों की टीम ने चंदन तिवारी के द्वारा गाए गए बाल गीत पर भाव नृत्य प्रस्तुत कर के पंडाल में बैठे  अतिथियों  व दर्शकों को बचपन में लौटने के लिए विवश कर दिया ।

👉व्यास भरत शर्मा के गीतों झूमे लोग : भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन में विशेष रूप से पधारे लोक गीतों के सम्राट भरत शर्मा के गाए गए गीतों पर पुरा पंडाल झूमते हुए नजर आया । भरत शर्मा भी सम्मेलन में शामिल लोगों की संख्या व उत्साह को देखकर स्वंय उत्साहित नजर आए । सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से अश्लील भोजपुरी गीत गाने वाले कलाकारों व अश्लील भोजपुरी फिल्म का विरोध करने का आह्वान किया ।







👉आखर सुर सम्मान प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित : आखर के ऑनलाइन आयोजित किए गए आखर सुर सम्मान प्रतियोगिता की विजेता सीवान की सिसवन गांव की श्रद्धा सिंह सिसोदिया व दो प्रतिभागियों को व्यास भरत शर्मा ने स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया ।