हरीसेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में धर्म ध्वजारोहण आज
आज़ाद नेब
भीलवाड़ा /मन का कोई आकार स्वरूप रंग नहीं होता है, यदि मन का कोई स्वरूप आकार रंग होता तो मन को बांध सकते थे, जैसे हाथी को जंजीर से, गऊ को रस्सी से यथा योग्य शक्ति से बांध सकते है। मन को मात्र हरि नाम स्मरण से जोड़ कर बाधेंगे तो परम आनन्द की प्राप्ति सम्भव है। ये विचार महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में प्रारम्भ हुए वर्सी उत्सव के अवसर पर व्यक्त किये।
चार दिवसीय गुरूजनो के वार्षिक उत्सव के प्रथम दिन शनिवार को प्रातःकाल अन्नपूर्णा माँ की पूजा होकर भण्डारा स्थल पर अग्नि प्रवेश हुआ। परम्परानुसार वैदिक मंत्रोच्चार से हवन पूजन हुआ, जिसमें भक्तजनो ने आहूतियां दी। बाबा हरीराम साहब की एकम तिथ के अवसर पर  सिद्धो की समाधियों, दरबार साहब, आसण साहब, धूणा साहब, हरि सिद्धेश्वर मंदिर में विशेष पूजन अर्चन हुए। नितनेम सत्संग प्रवचन एवं श्री श्रीचन्द्र सिद्धान्त सागर ग्रन्थ का अखण्ड पाठ प्रारम्भ हुआ। 
महंत स्वरूपदास उदासीन, अजमेर ने भजन ’’करि मेहर अची सभ ते बाबा हरिराम प्यारा’’ एवं महंत गणेश दास, भीलवाड़ा ने भजन ’’राम गुसांईयां जीये के जीवड़ा’’ प्रस्तुत करने हुए ईश्वर एवं गुरूओं के गुणो के बारे में बताया। इस अवसर पर महंत अर्जुनदास अजमेर, मंहत जमनादास, पं. कमल शर्मा एवं उदासीन निर्वाण मण्डल के संत-महात्मा उपस्थित थे। सांयकाल में नितनेम, हनुमान चालिसा पाठ, सत्संग हुए तथा भगत मण्डलियों द्वारा भी भजन प्रस्तुत किये गए, जिनका श्रद्धालुओं ने लाभ प्राप्त किया।
संत मयाराम ने बताया कि रविवार 25 मई 2017 बीज को उत्सव के द्वितीय दिन नितनेम, संतो-महात्माओं के सत्संग प्रवचन के अलावा श्री श्रीचन्द्र सिद्धान्त सागर का अखण्ड पाठ प्रारम्भ होगा। सांयकाल में आश्रम प्रांगण में धर्मध्वजा (झण्डा साहिब) रोहण होगा। भगवान जगन्नाथ यात्रा के आश्रम में पहुंचने पर स्वागत एवं प्रसाद वितरण होगा।