साठी मदरसा में 193 बच्चों के सर पे सजा ताज 
✍ दैनिक खोज खबर साठी संवाददाता शमीम कमर रेयाज़ी की कलम से 👉 मदरसा रियाजुल उलूम साठी में आयोजित जलसा दस्तार बन्दी का आयोजन किया गया जहाँ पे पुरे बिहार से आये उन विद्यार्थियों को पगड़ी बांधी गई जिन बच्चों ने पवित्र कुरान की पूरी किताब को अपने सीने में सुरक्षित कर एक इतिहास रचा ।  इस जलसे की अध्यक्ष्ता पटना ईमारत शरिया से आये क़ाज़ी अब्दुल जलील साहब ने की । जलसे की शुरुआत साठी मदरसे के विद्द्यार्थियों द्वारा कुरान एवं नात रसूल से की गयी ।
क़ाज़ी अब्दुल जलील साहब ने अपने संबोधन में कहा की कुरान एक ऐसी किताब है जो अल्लाह की तरफ मोहम्मद साहब पे उतरी है इसको ज़ुबानी याद करने वाले बच्चे खुश नसीब हैं की अल्लाह ने उन्हें यह अवसर दिया । उन्हों ने कहा की मुसलमान अगर सही मानों में कुरान को समझ के पढ़े और कुरआन की बताये हुए बातों पे अमल करें तो पूरी दुन्या में मुसलमान कहीं पर परीशान नहीं रहेगा । आज कुरआन को याद करने वाले बच्चों ने अपने लिए स्वर्ग का चुनाव कर लिया साथ वो बच्चा अपने माता पिता को भी स्वर्ग में जाने का रास्ता बना दिया । कुरआन हिफ़्ज़ करने वाले बच्चे को अल्लाह कयामत के दिन कहेगा की पढता जा और जन्नत की सिढ़या चढ़ता जा । 
साठी मदरसा के अध्यापक मौलाना मुश्ताक कासमी ने कहा की कुरआन पूरी दुन्या के लिए दस्तूर हयात है मानव जीवन की पूरी व्यख्या से भरी पड़ी है जिसको केवल पढ़ लेना काफी नहीं है उसको अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है अपनी जीवन को कुरआन के अनुसार जीने कीआवश्यकता है तब जा कर कामयाबी मिलेगी । पटना से ही आये मौलाना एहत्कामुल हक ने कुरआन की महत्व पे बोलते हुए कहा की भाग्यशाली हैं यह बच्चे जिन्हों ने इस अल्लाह की किताब को ज़बानी याद कर अपने माता पिता रिश्तेदार को जन्नती बनाने में सहयोग किया । और भी कई जाने माने मुस्लिम धर्म गुरुओं ने संबोधित किया । आखिर में मौलाना मुश्ताक कासमी की धन्येवाद संबोधन के साथ जलसा की समाप्ति की घोषणा हुयी । सनचालन मौलाना खुर्शीद ने की । इस जलसे को सफल बनाने में विशेष कर मौलाना अबुल कैस,मौलाना आफताब,मौलाना अनवारुल हक,और साठी मदरसा के सभी अध्यापकगण शरीक रहे ।