साझेदारी और सेवाभाव भारतीय दर्शन की आत्‍मा : उपराष्ट्रपति  

✍दैनिक खोज खबर सेन्ट्रल ब्यूरो 
(साभार : हिन्दुस्थान समाचार)
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🔴नई दिल्ली। साझेदारी और सेवाभाव को भारतीय दर्शन की आत्‍मा बताते हुए उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारतीय समुदाय से कहा कि वे दशकों से चली आ रही अपनी समझदारी और हमदर्दी के सेतुओं के निर्माण की परंपरा जारी रखें।
उपराष्ट्रपति ने रविवार को मलावी में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वह भारत के विश्व शांति और सौहार्द के संदेश को पूरे विश्‍व में पहुंचाने के अभियान को जारी रखें। वे भारतीय मूल्‍यों और जीवन पद्धति का प्रतिनिधित्‍व करने वाले भारतीय सांस्‍कृतिक दूत बने रहें। उन्‍होंने कहा कि आप अपनी समृद्धि को मलावी के भाइयों और बहनों के साए और उन्‍हें प्रगति में साझेदार बनाइये।
उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि भारतीय सांस्‍कृतिक विरासत ने संपूर्ण समुदाय के पूरे धार्मिक उत्‍साह और उनकी भागीदारी के बल पर विभिन्‍न भारतीय त्‍यौहारों को खुशी के अवसर के रूप में कायम रखा है। उन्‍होंने कहा कि मलावी की आर्थिक गतिविधियों में आपकी मजबूत और व्‍यापक भागीदारी उल्‍लेखनीय है। उपराष्‍ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की सरकार द्वारा जारी विकास कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए कहा कि भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
व्‍यापारिक वातावरण को बेहतरी की दिशा में परिवर्तन की संज्ञा देते हुए उन्‍होंने भारतीय समुदाय से कहा कि सुधार कार्यक्रमों पर नजर रखें और इस अवसर का लाभ उठाएं। इस अवसर पर सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता राज्‍यमंत्री श्री कृष्‍ण पाल गुर्जर, मलावी में भारतीय उच्‍चायुक्‍त सुरेश कुमार मेनन और अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे।
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