​*मशहूर तांत्रिक चंद्रास्वामी का निधन*

संजय कुमार सुमन 
संपादक,दैनिक खोज खबर 

तांत्रिक चंद्रास्‍वामी का आज मंगलवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। तांत्रिक चंद्रास्वामी के भक्तों में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री रही मार्ग्रेट थैचर तक का नाम शामिल है। चंद्रास्वामी के लिए नरसिम्हा राव ने दिल्ली में एक आश्रम बनवाया था। नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री रहते हुए उनका आश्रम पॉवर सेंटर के तौर पर जाना जाता था।

चंद्रास्वामी कई विवादों से भी जुड़े रहे हैं। 
लंदन के बिजनेसमैन से एक लाख डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में 1996 में उनको जेल भी जाना पड़ा। उनके ऊपर विदेशी मुद्रा उल्‍लंघन यानी फेमा के कई मामले भी चले थे। चंद्रस्वामी का कई विवादों में नाम आया। यूं तो चंद्रास्वामी मूल रूप से एक ज्योतिषी थे, लेकिन नरसिम्हा राव से करीबी के कारण पहली बार चर्चा में आए थे। इसके बाद तंत्र-मंत्र के अलावा राजनीतिक जोड़-तोड़, हथियारों के सौदागरों से संबंधों, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राव और उनकी सरकार के नाम पर सौदेबाजी में चंद्रास्वामी सर्वाधिक चर्चित रहे। जब तक कांग्रेस नेताओं का साथ रहा, चंद्रास्वामी की तूती बोलती रही, लेकिन जैसे ही कांग्रेस पार्टी ने छोड़ा और कांग्रेसी नेताओं से 36 का आंकड़ा हुआ, उनके बुरे दिन शुरू हो गए थे। गंभीर अपराधों के आरोप के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

एक नजर चंद्रास्वामी की जीवन से जुड़ी अहम बातों पर 

 1948 में जन्में चंद्रास्वामी का असल नाम नेमी चंद था। वे जन्म से जैन थे, लेकिन बचपन में ही घर छोड़ दिया था और बाद में तपस्या कर सिद्धी हासिल कर ली थी।वे मां काली के भक्त थे।चंद्रास्‍वामी राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ में जन्‍मे थे। वह बचपन में ही पिता के साथ हैदराबाद चले गए। तब वह नेम‍ि चंद्र जैन हुआ करता थे। नरसिंह राव जब आंध्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे तो उन्होंने युवा चंद्रास्वामी को हैदराबाद युवा कांग्रेस का महासचिव बना द‍िया। इसके बाद वह राजनीति‍ में अपनी पैठ बढ़ाने लगे। वह कुछ ही समय बाद द‍िल्‍ली आ गए। शुरुआत में वह तत्‍कालीन युवा कांग्रेस के महासचिव और मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता रहे महेश जोशी के बंगले पर सर्वेंट क्‍वार्टर में रहने लगे।

इसी दौरान वह राजनीति से तंत्र-मंत्र की ओर ख‍िंचे। अमर मुनि नामक एक साधु के शिष्य बन कर उन्‍होंने बिहार-नेपाल सीमा पर तांत्रिक साधना की। कुछ द‍िन बाद वह गुरु बन कर सामने आए। उनके भक्‍तों की संख्‍या बढ़ती ही गई। साथ ही कद्दावर भक्‍त भी बढ़ते गए। इनमें कई राजनीतिक हस्‍त‍ियों के अलावा अन्‍य क्षेत्रों के द‍िग्‍गज भी शाम‍िल थे।

राजीव गांधी हत्याकांड में हाथ का आरोप

राजीव गांधी हत्याकांड की जांच करने वाले जैन कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में चंद्रास्वामी का हाथ बताया था।इसके अलावा चंद्रास्वामी के आश्रम पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा था जिसमे मशहूर हथियार तस्कर अदनान खशोगी को 11 मिलियन डॉलर की भारी भरकम रकम अदायगी के सबूत मिले थे। फेरा के आधा दर्जन से ज्यादा मामले चंद्रास्वामी के खिलाफ चल रहे थे। वह सत्ता के गलियारों में फंसे काम चुटकी बजाते ही कर देते थे।

लंबी है चंद्रास्वामी के भक्तों की फेहरिस्त

भारत में नरसिंह राव, नटवर सिंह, टीएन शेषन से लेकर राजेश खन्ना और आशा पारिख तक चंद्रास्वामी के भक्तों में शामिल थे।वहीं ब्रूनई के सुल्तान, बहरीन के शेख इसा बिन सलमान अल खलिफा, एक्ट्रेस एलिजाबेथ टेलर, पूर्व ब्रिटिश पीएम मार्ग्रेट थैचर, हथियारों के सौदागर अदनान खशोगी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम भी चंद्रास्वामी से परामर्श लेते थे।

अंग्रेजी नहीं आती थी, लेकिन बता दिया था कौन बनेगा ब्रिटेन का पीएम

ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर भी चंद्रास्वामी की भक्त थीं।1975 में वे ब्रिटेन में थे और उन्होंने थैचर से मुलाकात कर भविष्यवाणी कर दी थी कि वे ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनेंगी और ऐसा ही हुआ। इस बारे में भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब ‘वॉकिंग विद लॉयन्स-टेल्स फ्रॉम अ डिप्लोमेटिक पास्ट’ में किया है।

स्टिंग से आए थे चर्चा में

टीवी पत्रकार रजत शर्मा ने प्रीतीश नंदी के साथ म‍िल कर चंद्रास्‍वामी का स्‍ट‍िंंग क‍िया था। शर्मा ने इस बारे में एक तकरीर में व‍िस्‍तार से बताया था। नंदी तब ”इलस्‍ट्रेटेड वीकली” के संपादक हुआ करते थे। शर्मा उस समय पत्रकार‍िता में कुछ साल पुराने ही थे और ऑनलुकर पत्र‍िका के संपादक थे। दोनों पत्रिकाओं ने संयुक्‍त रूप से चंद्रास्‍वामी का स्‍ट‍िंंग क‍िया था। शर्मा अपना ब्‍यूरो चीफ बना कर नंदी को उनके यहां ले गए थे। उन्‍हें कुछ ऐसी भनक लगी थी क‍ि प्रीतीश नंदी के पास उनके खि‍लाफ कुछ मसाला है, ज‍िसे वह छापने वाले हैं। चंद्रास्‍वामी ने नंदी के सामने ही इस बात का ज‍िक्र क‍िया और रजत शर्मा से कहा क‍ि कुछ ले-देकर नंदी को कुछ ऐसा-वैसा नहीं छापने के लि‍ए राजी करवा दे। शर्मा ने ऐसा करवाने का आश्‍वासन देकर चंद्रास्‍वामी का भरोसा ज‍ीता और उनका स्‍टि‍ंंग क‍िया। नंदी के कहने पर बाद में चतुराई से एक बार फि‍र शर्मा उन्‍हें लेकर चंद्रास्‍वामी के घर गए। इस बार मकसद था सबूत के तौर पर अपने साथ चंद्रास्‍वामी का फोटो लेना। इसमें भी दोनों कामयाब रहे।