बेतिया – गौनाहा:– *नाले जैसी नदी में छठ करने को मजबूर है सहोदरा के लोग।*
न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा संवाददाता (पं.च) बिहार :-
✍ मामला गौनाहा प्रखंड अंतर्गत जमुनिया पंचायत के वार्ड नंबर 11 सहोदरा देवाढ का ।
✍ जान जोखिम मे डाल अर्घ्य देने नदी मे उतरगे छठ व्रती।
✍ ग्रामीण सहयोग से बना सिढी 12 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ मे टुट जानलेवा बन चुका है ।
✍ स्थानीय प्रशासन है चुप्पी साधे ।
✍ यहाँ पर होता है तीन गाँव के छठ व्रती का संगम । सहोदरा, देवाढ व काटाटोला के श्रद्धालु पहुचते यहाँ ।
✍ हजारो की संख्या मे पहुचते है श्रद्धालु ।
✍ नदी किनारे बसे लोगो के द्वारा किया जा रहा नदी के जमीन का अतिक्रमण ।
✍ अतिक्रमण के कारण नदी का पाट हुआ पतला कहाँ खडा होकर अर्ध्य देगे छठ व्रती ।
*पश्चिमी चंपारण गौनाहा*प्रखंड अंतर्गत जमुनिया पंचायत के वार्ड नंबर 11 मे छठ पुजा कि तैयारी जोरो सोर है छठ घाट का साफ सफाई स्थानीय लोगो के द्वारा किया जा रहा है । लेकिन विडम्बना की बात यह है कि 12 अगस्त को आई प्रलय करी बाढ के करण छठ घाट की सीढी का कटाव कर लिया जो जानलेवा बना है । जो स्थानीय लोगो के द्वारा जितेन्द्र साह के नेतृतव मे बनाया गया था । जिसका लिखित आवेदन विडियो सीओ सह आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रदीप कुमार सिंहा को बाढ विभीषका खत्म होने के बाद देकर पुनः निर्माण व हो रही नदी का अतिक्रमण का जांच कर छठ घाट को अतिक्रमण मुक्त बनाने को कहा गया था । जिसपे पदाधिकारी सिंहा के द्वारा छठ पुजा शुरू होने से पहले सीढी का निर्माण व छठ घाट को अतिक्रमण से मुक्त करने का अश्वासन दिया गया । लेकिन ऐसा लग रहा है कि पदाधिकारी नींद की गोली खाकर सोये है ।
स्थानीय वार्ड सदस्य राधेश्याम चौधरी , रितेश कुमार , श्रीनिवास पंजीयार, परदेशी कुमार आदि लोगो का कहना है कि प्रत्येक साल की भांती ईस साल भी तीन से चार सौ छठ व्रती छठ करने वाली है । जिनकी संख्या परिजनो को मिलाकर हजारो पहुंच जाती है । अर्ध्य देने के समय काफी परेसानी का सामना करना पडता है । *नदी ले लिया नाला का स्वरूप* । इसी वजह से अर्ध्य देने मे लोगो को काफी परेसानी का सामना करना पडता है । लोगो का कहना है कि ये नदी काफी चौड़ी थी असानी से सारे छठ व्रती एक साथ सुर्य को अर्घ्य दे पाने मे सक्षम हो जाते थे । लेकिन आज के समय मे दस से बिस छठ व्रती ही नदी मे खडा हो पाती है । जिससे काफी परेसानी का सामना करना पड रहा है । कुछ लोगो के द्वारा नदी का अतिक्रमण कर लेने से परेसानी बढी है । जिसपर प्रसासन भि चुप्पी साध रखी है । लोगो का कहना है कि कई बार विडियो को आवेदन देने के बाद भी अतिक्रमणकारियो से छठ घाट के भुमी को मुक्त नही कराया गया ।




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