
दैनिक खोज खबर/सोनपुर। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभा एक बार फिर सामने आई है। गांव में रहकर कड़ी मेहनत और लगन के बल पर शिवानी कुमारी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 578 वां रैंक हासिल कर सोनपुर का नाम रोशन किया है। सोनपुर प्रखंड के ग्रामीण इलाके के होनहार बच्ची शिवानी कुमारी जो सोनपुर प्रखंड क्षेत्र के नयागांव थाना क्षेत्र स्थित डुमरी बुजुर्ग के बभनगावा गाँव के राकेश सिंह के पुत्री ने शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 578 वां प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गाँव से लेकर सोनपुर क्षेत्र के लोगो में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को जैसे-जैसे खबर मिल रही है कि शिवानी यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की है वैसे ही लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उक्त बात की जानकारी देते हुए शिवानी के भाई अंकित कुमार ने शनिवार क़ो बताया कि
शिवानी कुमारी के शिक्षा दीक्षा 12वीं तक गांव के प्राइमरी स्कूल से शुरू होकर गोगल सिंह इंटर स्तरीय विद्यालय नयागांव सोनपुर उसके बाद पटना विमेंस कॉलेज से स्नातक करने के बाद दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी किया पहला प्रयास में मात्र चार नंबर से असफल होने पर उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत करके दूसरी बार सफलता हासिल की है। शिवानी दिल्ली के प्रदूषण के शिकार हुई लेकिन वह अपने मेहनत और दृढ़ इच्छा के वजह से उसने गंदी प्रदूषण से भी लड़ती रही और अंत में वह परीक्षा देकर जब उसकी तबीयत थोड़ी बिगड़ गई तब वह स्वस्थ होने के लिए जनवरी 2026 में दिल्ली से घर आई थी। अंकित कुमार ने यह भी बताया कि माता रूबी देवी घरेलू महिला जब के पिता राकेश कुमार सिंह बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है. शिवानी की बड़ी बहन अंशु कुमारी एवं भाई अंकित कुमार स्नातक कर चुके हैं. गांव में इंटरनेट सुविधा कमजोर रहने के कारण शिवानी क़ो उसकी सहेली ने परीक्षा के परिणाम के विषय में जनकारी दी.जैसी ही जनकारी मिली वह खुशी से झूम उठी और सबसे पहले अपनी मां को जाकर यह बात बताई कि मेरा 578 रैंक है. सभी घर के सदस्य खुशी से झूम उठे. शिवानी दसवीं कक्षा में 82% जबकि 12वीं में साइंस से 90% जबकि स्नातक विमेंस कॉलेज पटना से केमिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेड ए से भी ऊपर आउटस्टैंडिंग मार्क्स प्राप्त हुआ है। शिवानी कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग,भाई बहन के हौसला व शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत को दिया है। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए, तो गांव में रहकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।




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