दैनिक खोज खबर के लिए बिनय चौबे की रिपोर्ट:-
सर्वोच्च न्यायालय एवम उच्च न्यायालय के फैसले समान काम समान वेतन लागू कराने एवम गृह रक्षकों पर सरकार द्वारा दमनात्मक नीति विरोध में बिहार रक्षा वाहिनी स्वयं संघ के तत्वावधान में राज्य के 72000 गृह रक्षकों ने आर पार की लड़ाई के साथ करो या मरो के तहत हड़ताल जारी रखते हुए बेतिया के 2583 गृह रक्षकों ने अर्धनग्न प्रदर्शन जिला पदाधिकारी के समक्ष किया । जिसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष के समक्ष किया जिसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष नितेश कुमार मिश्रा, सचिव सुबोध कुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष संजय कुमार राव, उपाध्यक्ष शेख अब्दुल्लाह, द्वारिका यादव ने किया। संघ के नेताओं ने कहा कि यह कैसी विडंबना है की सड़क से लेकर सदन तक का सुरक्षा करने वाला ही आज इस जनतांत्रिक व्यवस्था में खुद को असुर क्षित है, तथा रक्षक का ही परिवार खुद भूखे रहने पर विवश है जहाँ सरकार भूख से मरने नही दिया जाएगा । कागजी खानापूरी का ढंग करती है। ज्ञात हो की गृह रक्षक 9 मार्च से हड़ताल पर है। राज्य सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस लिया गया परन्तु बिहार सरकार मांग देने के बजाय दमनात्मक करवाई का आदेश निर्गत कर रही है। क्या यही लोकतंत्र का न्याय/कानून है सरकार समय रहते नही चेती तो वाह्य होकर राज्य के गृह रक्षक भूखे शेर के तरह तथा कथित आजादी को तोड़कर अपनी आजादी के लिए सभी समाजिक आर्थिक राजनीतिक बंधकों को तोड़कर नया इतिहास बना देंगे । प्रदर्शन में विनय शंकर सिंह, उमाकांत दुबे , सम्पूर्णानन्द तिवारी, मुन्ना कुमार, प्रकाश चन्द्र राव , रमेश प्रशाद , शेख शमशुल होदा, आदि हजारों गृह रक्षक ने भाग लिया।





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