कुमुद रंजन सिंह।नालंदा
रहुई – मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे अंचल कार्यालय रहुई में उस बक्त अफरा तफरी मच गई जब निगरानी की टीम ने अंचलकार्यालय के प्रधान लिपिक दिनेश कुमार दिनकर को अपने साथ लाये वाहन में बैठाकर चलते बने। वही रहुई अंचल में तरह तरह की अटकलों का बाजार गर्म होने लगा। कुछ लोगो का कहना था कि 6 हज़ार रुपये घुस मांगना आज बड़ा बाबू को महंगा पड़ गया। कुछ लोगो का कहना है कि कर्मियो की आपसी रंजिश में घटना को अंजाम दिलाया गया।
क्या है मामला
राजस्व कर्मचारी अरुण कुमार सिंहा जो अपना कार्य अपने भतीजे सोनू कुमार के माध्यम से करबाते है। जिनका सेवा पुस्तिका में कुछ खामियां थी। जिसे इनके भतीजा सह अंचल दलाल सोनू ने दिनेश कुमार दिनकर से लेकर गायब कर दिया था जिसको लेकर कुछ महीनों से आपस मे मन मुटाव चल रहा था। इसी बात को लेकर सोनू ने जवरण मंगलवार को निगरानी के सामने आम जनता बन लिपिक से किसी काम के एवज में जवरण पैसे पॉकेट में डाल निगरानी के हत्थे चड़बया। प्रतियक्षदर्शी अंचल निरीक्षक मनमोहन सिंह , दिवरापर पर निवासी छोटे लाल प्रसाद , राजस्व कर्मचारी बृजनंदन सहाय, कर्मचारी धर्मवीर कुमार रंजन ने बताया कि शातिर सोनू कर्मचारी अरुण का सभी कार्य ही नही करता बल्कि उनका मोबाइल न0 भी अपने पास ही रखता है। तहकीकात के लिए जब पत्रकार ने अंचल बोर्ड पर लिख नंबर पर फोन लगाया तो सोनू ने पहले तो अपने को  अरुण का। बेटा बताया बाद में भतीजा बताया, फिर मोबाइल घरपर छूट जाने की बात बताते हुए बात को टाल गया। 
  अंचलादिकारी अफ़ज़ल हुसैन से सोनू के बारे में पूछे जाने पर बताया कि अक्सर इसे अपने चाचा अरुण कुमार सिंहा के साथ व अकेले भी कार्यालय में सरकारी कागजातों के साथ देखा जाता रहा है।