कश्मीरी युवाओं की मौत से महबूबा दुखी, कहा हिंसा से कश्मीरियों का हुआ है नुक़सान

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कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि हिंसा कश्मीर समस्या का समाधान नहीं है।
भारत प्रशासित कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने बुधवार को कश्मीर के कुकरनाग क्षेत्र में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बडगाम में कश्मीरियों की मौत पर खेद व्यक्त किया है। महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि अब समय आ गया है कि मामलों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण तरीक़े से सबको एक मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि हिंसा से कश्मीरियों की समस्याओं में अधिक वृद्धि हुई है।
कश्मीर की मुख्यमंत्री ने घाटी में पिछले दिनों हिंसा में हुई मौतों पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि कश्मीर वासियों को पिछले तीन दशकों के दौरान काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ा है। उन्होंने बल देकर कहा कि ” मैं एक बार फिर कहती हूं कि कश्मीर समस्या का समाधान केवल बातचीत है हिंसा से स्थिति बदतर ही होगी और कोई परिणाम नहीं मिलने वाला है”।

उल्लेखनीय है कि भारत प्रशासित कश्मीर में मंगलवार को सुरक्षाबलों की फ़ायरिंग में 3 कश्मीरी युवाओं की मौत हो गई थी। तीनों युवाओं की मौत के बाद पूरी घाटी में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का क्रम एक बार फिर से जारी हो गया है।

ज्ञात रहे कि 8 जुलाई 2016 में अलगाववादी कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद पूरे कश्मीर के हालात ख़राब हो गए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीरी जनता और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 130 से अधिक कश्मीरियों की मौत हो चुकी है जबकि हज़ारों घायल और गिरफ़्तार हैं। पिछले साल कश्मीर में भारतीय सुरक्षबलों की ओर से इस्तेमाल की गई पैलेट गन के कारण सैकड़ों कश्मीरियों की आंखों की रोशनी चली गई है।