ऐतिहासिक नेज़ा मेले में उमड़ै हज़ारों अकीदतमन्द
फरजन्द वारसी सम्भल 29 मार्च । हज़रत सैयद सालार मसूद गाज़ी रह0 की याद में सालाना नेज़ा मेला लगाया गया। हज़ारों की संख्या में लोग नेज़ा मेले का लुत्फ लेने के लिए उमड़े।
बुधवार को नगर के पालिका मैदान व आसपास शहर नेज़ा तहफ्फुज़ कमेटी के तत्वाधान में ऐतिहासिक नेज़ा मेले के आयोजन किया गया। हज़ारों मेलार्थियों शिरकत कर मेले का लुत्फ उठाते हुए आपसी भाईचारे व साम्प्रदायिक सौहर्द का पैग़ाम दिया। शहर नेज़ा तहफ्फुज़ कमेटी द्वारा पालिका मैदान वाटर टैंक के निकट कैम्प लगाकर जलपान की व्यवस्था कराई गई तथा खोये पाये बच्चों को उनके परिवार से मिलवाया गया। हाथ में डण्डा व जेब पर बिल्ला लेकर पूरे मेले में कमेटी के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था को संभाले रखा।
मेले को शांति पूर्वक सम्पन्न कराने के लिए उत्पादियों पर काबू किया गया। इस दौरान शाम में आयोजित सम्मान समारोह में मेले का सहयोग करने वालांें को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया गया। कमेटी सचिव तसदीक ईलाही ने बोलते हुए कहा कि ऐतिहासिक नेज़ा मेला कौमी एकता का प्रतीक है और हमेशा इसी तरह कायम रहेगा। कमेटी अध्यक्ष एवं पालिका चैयरमेन कौसर अहमद ने बोलते हुए कहा कि यह नेज़ा मेला अपने आप में खासा महत्व रखता है और मौहब्बत भाईचारे का पैग़ाम देता है। मीडिया प्रभारी फरज़न्द अली वारसी ने बोलते हुए कहा कि सम्भल की पावन धरती पर सैयद सालार जैसे औलिया अल्लाह की याद में लगने वाले ऐतिहासिक नेज़ा मेले सरकार द्वारा राष्ट्रीय मेला घोषित किया जाना चाहिएए इस मेले की महक पूरे देश और विदेश तक महकती है।
पालिकाध्यक्ष कौसर अहमद ने सचिव तसदीक ईलाही व मु़िज़म्मल खां सम्भली को सैयद सालार मसूद गाज़ी आवार्ड देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नौशाद खां सबाहतए मुज़िम्मल खां सम्भली, तौफीक ईलाहीए रफीक राहिए फरज़न्द अली वारसी, फिरोज़ अशरफी, मौ0 दानिश, नियाज़ वारिसए इकरार, अमान अशरफी, उवैस दानिश, आफताब ईलाही, सालिम, फैज़ानए तौहिद जुबैरी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन फरज़न्द अली वारसी ने किया। कमेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों, पालिका कर्मचारियों,विधुत विभाग का व्यवस्था करने पर आभार जताया। पालिकाध्यक्ष कौसर अहमद को भी कमेटी की और से पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया।





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