बीईओ के आदेश के बाबजूद पाच माह से नही दे रहें है विधालय का प्रभार
सिमरी बख्तियारपूर(सहरसा) से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट:-
इसे दबंगई नही कहेंगे तो और क्या करीब पांच माह से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के आदेश की धज्जिया उड़ाते हुऐ विधालय का एक शिक्षक प्रधान का प्रभार देने में टालमटौल व आना कानी कर रहें। प्रभार लेने वाले शिक्षक बार-बार आवेदन देकर प्रभार दिलाने की गुहार लगा रहें है।
यह वाक्या है सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के बनमा इटहरी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कासिमपुर का। यहां के प्रभारी प्रधानाध्यापक शिवनारायण सिंह को वरीय शिक्षक मिर्जा मौबिन बेग को प्रभार देने का आदेश बीईओ कार्यालय से करीब पांच माह पहले निर्गत किया गया। विगत कई माह से प्रभार के लिए आज कल कर टाल मटौल किया जा रहा है। पर प्रभार नही दिया जा रहा है।
मिर्जा मोबिन बेग ने कई बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर प्रभार दिलाने की मांग किया, लेकिन प्रभार नहीं मिला। बनमा इटहरी बीइओ मिथलेश कुमार सिंह ने भी कई बार उक्त शिक्षक को नए प्रधान को प्रभार देने का आदेश दिया, लेक़िन 5 माह बीत जाने के बाद भी प्रभार नहीं दिया गया।
वित्तीय अनियमिता की आशंका-
बीईओ के आदेश की धज्जिया उड़ाने के पीछे बड़ी वित्तीय अनियमिता की आशंका जताई जा रही है विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रभार नहीं देने का मुख्य कारण राशि का गबन है। चूँकि नये प्रधान को नो ड्यूज के साथ प्रभार देना है। जब तक पूर्व के आय व व्यय का गलत ही सही पुख्ता प्रमाण नहीं बना लेता कैसे प्रभार दिया जायेगा। आशंका जताई जा रही है कि लगभग 8 से 10 लाख रुपया का राशि का हेराफेरी की गई है। इस राशि का पटापेक्ष करने में लगे रहने की वजह से ही प्रभार देने में आज कल किया जा रहा है।
क्या कहना है प्रभारी प्रधान का –
शिक्षक शिवनारायण सिंह का कहना है कि नए हेडमास्टर मिर्जा मोबिन बेग प्रभार नहीं ले रहा है। हलाकि गोदरेज सहित कई चाभी एवं रजिस्टर दिया गया है। राशि गबन की लग रहे आरोप तो बेबूनियाद उन्होंने ने कहा कि पूर्व की जितनी राशि विभाग के द्वारा मिला था सारा का भोचर के साथ बिभाग को जमा कर दिया गया है।
क्या कहते है बीइओ-
बनमा इटहरी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश सिंह से इस बाबत पुछे जाने पर बताया कि शिवनारायण सिंह को कई बार नए हेडमास्टर को प्रभार देने का निर्देश दिया, वावजूद प्रभार नहीं दिया। इस अतिंम बार चेतावनी के साथ 24 घंटे के अंदर प्रभार देने का निर्देश दिया है। वावजूद अगर प्रभार नहीं देता है तो करवाई प्रारंभ की जायेगी।





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