आतंकवाद के स्रोतों की अनदेखी की गई तो आतंकवाद कभी ख़त्म नहीं होगाः ईरान

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आतंकवाद से संघर्ष में अंतर्राष्ट्रीय कार्यवाहियों की विफलता का एक मुख्य कारण, इसकी जड़ों और आर्थिक स्रोतों की अनदेखी बताया है।
बहराम क़ासेमी ने अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मेटिज़ के ईरान विरोधी बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए शनिवार को कहा कि ईरान पिछले चार दशकों से निरंतर आतंकवाद की बलि बनता आ रहा है। मेटिज़ ने अपनी हालिया लंदन यात्रा में एक बार फिर ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का निराधार आरोप लगाया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बल देकर कहा कि जब तक अमरीका समेत कुछ देश आतंकवाद और तकफ़ीरी-वहाबी चरमपंथ के मुख्य स्रोतों की अनदेखी करते रहेंगे और आतंकियों के समर्थकों को हथियार देते रहेंगे तब तक नासूर बन चुके इस घाव का ठीक होना संभव नहीं है। बहराम क़ासेमी ने दाइश जैसे आतंकी गुटों को अस्तित्व प्रदान करने और उनका समर्थन करने संबंधी अमरीकी अधिकारियों के बयानों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकी अधिकारियों को चाहिए कि ईरान पर शत्रुतापूर्ण आरोप लगाने और आतंकवाद से हथकंडे के रूप में फ़ायदा उठाने की पुरानी नीति को छोड़ कर क्षेत्र में अपने कुछ घटक देशों पर तकफ़ीरी आतंकी गुटों की आर्थिक, वैचारिक और सामरिक सहायता रोकने के लिए दबाव डालें।