अंता:14 साल बाद पता चला में बीपीएल में हूँ
नगर पालिका: अंधेर नगरी चौपट राजा
उस्मान खान
अंता 31 मई- वर्तमान में जहाँ लोग सरकारी सुविधाये प्राप्त करने के लिए बीपीएल में नाम जुड़वाने का भरसक प्रयास करते हे , ताकि उन्हें सस्ती दर पर अनाज,मुफ़्त इलाज,छात्र व्रत्तियाँ सहित अन्य कई लाभ मिल सके। लेकिन कोई व्यक्ति जो 14 साल से बीपीएल में हो लेकिन उसे आज तक पता ही नहीं की में बीपीएल में हूँ। ऐसा ही एक रोचक मामला बुधवार को देखने को मिला । प्रदेश सरकार द्वारा बीपीएल कार्डधारी व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए उनके मकानों पर बीपीएल नेम प्लेट लगाने के नगर पालिकाओं को आदेश दिए गए हे। इसी के तहत अंता नगर पालिका द्वारा भी वार्ड अनुसार बीपीएल की लिस्ट पेंटर को दी गई हे बीपीएल कार्ड धारी के घर जाकर उनके नेम प्लेट पेंटिंग कर रहा हे । बुधवार को राजू नामक पेंटर वार्ड नम्बर 8 में देवेन्द्र कुमार अरविन्द पुत्र बंशी लाल के मकान पर पहुंचा की आपके बीपीएल की नेम प्लेट लगानी हे । देवेन्द्र ने कहा की में बीपीएल नहीं हूँ। लेकिन पेंटर ने लिस्ट बताई तो उसमे नाम था । देवेन्द्र लिस्ट लेकर नगर पालिका गया तो पता चला की वह तो 2003 से ही बीपीएल कार्ड धारी हे । उसका नाम वार्ड नम्बर 8 की बीपीएल सूची में 54 नम्बर पर हे ।। लेकिन देवेन्द्र को इस बात का 14 साल बाद पता चला । उसके पास वर्तमान में भी एपीएल कार्ड ही हे । उसने कर्मचारियों से कहा की मेरा बीपीएल कार्ड कहाँ हे ये सुनकर उनके होश फाख्ता हो गए । इतने वर्षो तक कौन इसका लाभ लेता रहा ।। तो अधिकारी व् कर्मचारियों के पास कुछ जवाब नहीं था ।। दूसरी और देवेन्द्र का कहना हे की अगर में बीपीएल कार्डधारी था तो इतने साल तक जो सुविधाए मुझे मिलनी चाहिए थी वो नगर पालिका की लापरवाही के चलते मुझे नहीं मिली उसका जिम्मेदार कौन हे। नगर पालिका द्वारा मुझे कार्ड की सुचना क्यों नहीं दी गई। अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता हे की नगरपालिका की कार्यप्रणाली का स्तर क्या होगा। रोचक बात ये हे की देवेन्द्र के राशन कार्ड का 14 सालों तक कौन लाभ डकार रहा हे। सवाल उठता हे कि अगर देवेन्द्र बीपीएल नहीं हे तो उसका बीपीएल लिस्ट में नाम क्यो ? और अगर बीपीएल कार्डधारी हे जैसा की वार्ड नम्बर 8 की लिस्ट में 54 नम्बर पर हे तो 14 साल से इसके कार्ड का कौन लाभ उठा रहा हे । इसकी निष्पक्ष जाँच हो तो असलियत सामने आ जायगी।




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