
संजय विजित्वर(हाजीपुर) : ऐतिहासिक गांधी स्मारक पुस्तकालय के परिसर में आज स्वर्गीय उषा वर्मा तथा स्वर्गीय धूपेन्द्र प्रसाद जी की स्मृति दिवस पर जिले के कई गणमान्य लोग उपस्थित हुए और पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सियाराम शर्मा तथा संचालन संजय विजित्वर ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अवधेश सिंह ने कहा कि माता पिता को स्मरण करना पुनीत कार्य है और सभी को करना ही चाहिए। गांधी स्मारक पुस्तकालय के सचिव भोलानाथ ठाकुर ने स्वर्गीय उषा वर्मा के उदात्त चरित्र को विस्तार से बताया। ध्रुव कुमार चित्रांश ने बताया कि मैं गांधी आश्रम का निवासी जब से हूं तब से स्वर्गीय उषा वर्मा तथा स्वर्गीय धूपेन्द्र प्रसाद जी की इमानदारी और नेकदिली की चर्चा सुनता रहा हूं। बीएमएस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सियाराम शर्मा ने बताया कि माता पिता या अपने पूर्वजों को याद करना सच्चे अर्थों में सच्चे पुत्र धर्म का पालन करना है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में नारी हिंसा: समस्या और समाधान विषय पर चर्चा करते हुए शिक्षिका डॉ केकी कृष्ण ने बताया कि नारी घर से यदि सुरक्षित हो तो बाहर में भी सुरक्षित रह सकती है। महिला अधिवक्ता कुमारी आशिकी ने बताया कि नारी को कई मामले में आज भी संघर्ष करना पड़ता है। ढोल गवार शुद्र पशु नारी ये सब तारण के अधिकारी महाकवि तुलसीदास की इन पंक्तियों को विस्तार पूर्वक ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ नवल किशोर प्रसाद श्रीवास्तव ने विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि महा कवि कि इस उक्ति में महिला उद्धार की बात कही गई है। वरिष्ठ पत्रकार शंकर जी किशोर ने कहा कि नारी को आज समान अधिकार मिल चुका है नारी सशक्त है ।दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता है। इस विषय पर अन्य वक्ताओं में शशि भूषण सिंह, राजेश कुमार सहित कई लोग ने अपनी बात रखी। इस अवसर पर पधारने वाले लोगों में शिव शंकर प्रसाद, नरेश वर्मा ,राजू कुमार, सुमित कुमार, संतोष कुमार सिंह ,श्रीकांत कुमार पासवान जिला अध्यक्ष छात्र लोजपा, संजय पासवान ,छात्र लोजपा, आमोद पांडे, डॉक्टर विजय कुमार, सुधीर कुमार सिंह, अजय शंकर वर्मा, अजय कुमार,अमरेश श्रीवास्तव सहित कई लोग थे।इस अवसर पर पत्रकार संजय विजित्वर ने डॉ नवल किशोर प्रसाद श्रीवास्तव, डॉ सियाराम शर्मा , भोला नाथ ठाकुर, शंकर जी किशोर,डॉ केकी कृष्ण तथा बासकित राय को शाल और बुके देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में बासकित राय ने आगत अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।




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