
सीवान में सनकी पति ने अपनी पत्नी समेत पांच बच्चों को टांगी से काट डाला ,बाद में खुद खाया जहर
सोमवार की रात बलहा अलिमर्दनपुर गांव में मचा कोहराम
सनकी पति ने खुद को किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण
परवेज़ अख्तर/सिवान:
जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के बलहा अलिमर्दनपुर गांव में सोमवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई।उक्त घटित घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई तथा तरह-तरह के अटकलों का बाजार गर्म हो गया। सोमवार की देर रात से लेकर मंगलवार को पूरे दिन तक गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।यहां बताते चले कि एक सनकी पति ने पत्नी समेत अपने पांच बच्चों को टांगी से प्रहार कर लहूलुहान कर दिया।इनमें से चार बच्चों की मौत मौके पर ही हो गई है,जबकि पत्नी और एक अन्य बच्चा सदीद तौर पर जख्मी है। सदर अस्पताल में इलाज के पश्चात दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए इलाज पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया है। मृतकों में एक पुत्री व तीन पुत्र शामिल हैं। उधर घटना की सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस के सहयोग से स्थानीय भगवानपुर थाना की पुलिस ने चारों मृतकों का शव पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।आरोपित पति घटना को अंजाम देने के बाद अपने जीवन की इहलीला समाप्त करने के लिए खुद भी जहर खा लिया और अपने शरीर पर किरासन तेल छिड़ककर जिंदा जलने का प्रयास भी किया। मृतकों में बलहा अलिमर्दनपुर गांव के रहने वाले अवधेश चौधरी की बेटी ज्योति कुमारी (17 वर्ष), तीन बेटे अभिषेक कुमार (15वर्ष), नीतीश कुमार उर्फ भोला (12 वर्ष) और मुकेश (सात वर्ष) शामिल हैं।वहीं पत्नी रीता देवी और एक बेटी अंजली कुमारी पीएमसीएच रेफर हैं। सनकी पति अवधेश चौधरी ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं टहलने के लिए गया था, तभी अचानक मेरे शरीर में एक हवा प्रवेश कर गई और उसके बाद से मुझे यह लगा कि सामने जो व्यक्ति भी आएगा उसे मार देना है। इसके बाद मेरे ही बच्चे और पत्नी सामने आए और मैं उन्हें मारता चला गया। सनकी पति अवधेश ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद मैं भगवानपुर थाना के तरफ चला गया। वहां उसने किसी तरह डीएम का नंबर लिया और कॉल लगाई। उसका कहना है कि डीएम के नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होने के बाद वह घर की तरफ लौटने लगा। इसी बीच रास्ते में उसे भगवानपुर पुलिस गश्ती दल ने रोका तो उसने घटना की जानकारी उन्हें दी। पूरा वाकया सुनकर हैरान पुलिस वालों ने तुरंत उसे अपनी गाड़ी में बैठाया और उसके घर पहुंचे। उसके घर पहुंचने पर पुलिस वालों ने देखा कि वहां चार लोगों के शव खून से लथपथ पड़े हैं। उसकी पत्नी और एक बेटे की सांस अभी चल रही थी, जिन्हें पुलिस ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। इस संबंध में महाराजगंज एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि आरोपित अवधेश चौधरी का इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है। इस घटना को लेकर स्थानीय थाना पुलिस को कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिसके आधार पर पुलिस अनुसंधान प्रारंभ कर दी है। कि आखिर किस कारण से इतनी बड़ी घटना घटित हुई।




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