*तारणहार की राह देख रहीं है पङेजी गांव की सङके*

*✍श्रीनारद संवाद सेवा*

सीवान: केन्द्र की सरकार हो या बिहार सरकार, सभी गांवों की विकास की बातें करते हैं लेकिन गांवों में कहीं भी धरातल पर विकास नहीं दिखता. अगर वास्तव में ये सरकारें  विकास करती तो सीवान के आंदर प्रखंड का  पङेजी गांव आज अपने तारणहार की राह नहीं निहारता. पङेजी की सङके इतनी बदहाल है कि एक हल्की बारिश के कारण ही सङक बत से बदतर हो चुकी है. ग्रामीण सोनू पाण्डेय, अजय पाण्डेय, चंद्रभूषण यादव, घनश्याम शर्मा, अवधेश पाण्डेय, रविंद्र पाण्डेय, दिलीप पाण्डेय, देवभूषण पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, रवि पाण्डेय, विकास पाण्डेय,गुड्डू, हरिओम, सोनू, अरविन्द, नन्हे, उपेंद्र, श्याम कुमार आदि लोगों का कहना है कि हम लोगों ने  अपने  क्षेत्र के सांसद व विधायक दोनों लोगों से अपने गांव की सङक की बदहाली दूर करने के लिए बार-बार आग्रह किया लेकिन वे ध्यान नहीं दे रहें है. ग्रामीणों का कहना है कि आंदर से गांव को जोङने वाला सङक जो 1991 में बनी थी वह आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है साथ ही गांव की अंदर की सङक तो एक ही बारिश में बद से बदतर हो चुकी है.