सीवान के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने सीओ पर दिए प्राथमिकी के आदेश
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मामला पचरूखी चीनी मिल की जमीन की नीलामी का
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✍दैनिक खोज खबर के लिए कुमार उमेश पटेल की रेपोर्ट

सीवान /पचरूखी :-  पचरुखी के अंचलाधिकारी  गिन्नीलाल प्रसाद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।तभी तो  चीनी मिल की जमीन की पैमाइश को लेकर इन पर तरह-तरह के आरोप लगते रहे हैं।इस बीच  बड़हरिया विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी सह चीनी मिल की जमीन बचाओ समिति के अध्यक्ष उमेश कुमार ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सीवान की अदालत में भा.द.वि. की धारा 504,500,506 और 509 के अंतर्गत एक परिवाद (1317/2017 )दायर कर दिया।
दायर परिवाद में उमेश कुमार ने कहा है कि चीनी मिल की भूमि को अधिग्रहण से मुक्त कराने के लिए पटना हाई कोर्ट में उन्होंने एक रीट याचिका 1565/17 दायर किया है,जिसमें पचरुखी सीओ गिन्नीलाल प्रसाद भी विपक्षी हैं।उक्त मामले में सीओ पचरुखी हाई कोर्ट में हाजिर भी हो चुके हैं।
दायर परिवाद के मुताबिक पचरुखी सीओ 7 जून को चीनी मिल के जमीन पर पैमाइश कराने पहुँचे थे।जिसका विरोध स्थानीय ग्रामीणों ने किया।इसी क्रम में परिवादी उमेश कुमार भी पहुँचे।परिवादी को देखते ही पचरुखी सीओ भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे और अपमानित किये।साथ ही जान से मारने व जेल भेजने की धमिकियां भी दिए।परिवाद पत्र के मुताबिक उमेश कुमार द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर करने को लेकर सीओ सख्त नाराज थे।
इसके बाद उमेश कुमार ने जिला पदाधिकारी व अन्य पदाधिकारियों को पैमाइश रोकने के संबंध में आवेदन दिए।श्री कुमार ने कहा कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने पचरूखी थाना को सीओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।