सीवान के पचरुखी में तीन दिवसीय मेशन ट्रेनिंग सम्पन्न,बीडीओ ने दिया प्रमाण पत्र
✍🏻रविंद्र क़ु.गुप्ता/अख़लाक़ अहमद

सीवान : शौचालय निर्माण में दो गड्ढे वाला जलबंद शौचालय की तकनीक लोगों के लिए कई मामलों में उपयोगी साबित हो सकता है।जलबंद तकनीक से निर्मित शौचालय से लोगों को खुले में जाने की मजबूरी से निजात मिल जाती है।साथ ही इस विधि से गड्ढे में जमा मल उपयोगी जैविक खाद में तब्दील हो जाता है।”उक्त बातें लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के मुख्य प्रशिक्षक भूपेश कु.चौबे ने जसौली में प्रायोगिक प्रशिक्षण के दौरान कही।मास्टर ट्रेनर राजेश कुमार ने आगे बताया कि उर्वरक के रूप में खेतों में इसके प्रयोग से जहां एक तरफ बेहतर उपज प्राप्त की जा सकती है तो वहीं दूसरी तरफ इसे बेचकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है।शौचालय निर्माण में लगे चार दर्जन राज मिस्त्रियों को इसके निर्माण विधियों की जानकारी दी गयी।

इस प्रशिक्षण में जसौली सरपंच रामप्रीत राम भी प्रशिक्षु बनकर भाग लिए।पचरुखी प्रखंड प्रशासन द्वारा आयोजित राज मिस्त्री का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण के पश्चात पचरुखी बीडीओ डॉ इस्माइल अंसारी ने प्रशिक्षित राज मिस्त्रियों को प्रमाण पत्र जारी किया। मौके पर प्रखंड समन्यवयक महेश कुमार,जसौली मुखिया पति रिंकू रंजन ,मोटिवेटर कुमार विपेंद्र,दीपक कुमार,राजमिस्त्री अमरनाथ महतो,रामनारायण सिंह,रंजीत कुमार समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।