सिवान :प्रसुता को किया पीएमसीएच रेफर, आशा ने पहुंचाया झोला छाप डॉक्टर के पास
#परवेज अख्तर

बच्चे की मौत के बाद बिलखते परिजन
सीवान .
शहर के पकड़ी मोड़ के समीप एक झोला छाप महिला डॉकटर की क्लीनिक में सामान्य प्रसव के लिए 20 हजार रुपए फीस देने के बाद बच्चे की जान नहीं बची बच्चे के मृत होने के बाद परिजन अस्पताल के बाहर बिलखने लगे .नौतन थाने के नरकटिया गांव के छोटन प्रसाद की पत्नी बसंती देवी को प्रसव कराने के लिए आशा कार्यकर्ता मंगलवार को सदर अस्पताल लाई . हीमोग्लोबीन जांच में 8 ग्राम रिपोर्ट आने पर डॉक्टरों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया .उसके बाद आशा कार्यकर्ता पकड़ी मोड़ के पीछे एक झोला छाप महिला डॉक्टर के पास लेकर चली गई . महिला डॉकटर ने प्रसव कराने के लिए बीस हजार रुपए तथा दवा का खर्च अलग से मांगा . परिजनों की सहमति पर डॉक्टर ने प्रसव कराया . जन्म के बाद बच्चे की तुरंत मौत हो गई .उसके बाद परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे .प्रसुति महिला की सास ने बताया कि यहां पर आशा कार्यकर्ता ने प्रसव कराने के लिए लाई है. उसने बताया कि पटना में पचास हजार रुपए लगेंगे . उसने बताया कि आशा कार्यकर्ता ने इसके पहले भी यहां पर मेरी पतोह को दिखाया है .तीन बार अल्ट्रा साउंड भी डॉक्टर ने कराया है .उसके बाद बच्चे नहीं बचा .
डॉक्टर के गुर्गो के हड़काने पर परिजन के राग बदले
बच्चे की मौत की सुचना ज्योंहि मीडियाकर्मियों को लगी.मीडियकर्मी समाचार संकलन करने पहुंच लगे . बाहर बिलख रहे परिजनों ने पहले तो सभी बातें सच-सच बता दिया . लेकिन जब डॉक्टर क गुर्गों की नजर पड़ी परिजनों को मीडियाकर्मी से बात करते देखा. तुरंत बाहर आए तथा परिजनों को जबर्दस्ती अंदर ले गए .अंदर ले जाकर परिजनों को डॉक्टर के गुर्गों ने हड़काया . उसके बाद बहार निकलते ही परिजनों के राग बदल गए .
आशा कार्यकर्ताओं को मिलती है मोटी रकम
जहां झोला छाप महिला की क्लीनिक है .वहां सुरक्षा के इतने कड़े प्रबंध है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता . बाहर महिला डॉक्टर का आर्कषण बोर्ड लगा है. डिग्री में जीएएमएस पटना तथा स्त्री प्रसुति एवं बांझपन रोग विशेषज्ञ का बोर्ड लगा है . स्थानीय लोगों ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के भरोसे यह क्लीनिक चलता है .प्रतिदिन छह से सात मरीज को आशा कार्यकर्ता लेकर आती है. उन्हें कम से कम पांच हजार रुपए डॉक्टर द्वारा दिया जाता है. इसके अलावे पैथेलॉजी जांच में पचास प्रतिशत कमीशन आशा कार्यकर्ता को मिलता है .
क्या कहते है जिम्मेवार
झोला छाप डॉक्टरों के विरुद्ध विभाग कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरु कर दिया गया है .जहां तक आशा कार्यकर्ता द्वारा मरीज को झोला छाप डॉक्टर के पास ले जाने की बात है तो जांच कर दोषी पाए जाने पर चयन मुक्त किया जाएगा.
डॉ. शिवचंद्र झा,सिविल सर्जन





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