सिवान :इंटर परीक्षा मे 455 रहे अनुपस्थित तथा आठ हुए निष्कासित
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-#प्रथम पाली में भाषा तथा द्वितीय पाली में मनोविज्ञान की परीक्षा ली गई
प्रवेज़ अख्तर/ सिवान :
इंटर परीक्षा के सातवें दिन मंगलवार को इंटर परीक्षा को पूर्णतः कदाचारमुक्त में लेने के लिए वरीय अधिकारियों समेत जिला प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां दिन भर विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दौड़ती रही। मंगलवार को जिला मुख्यालय समेत अनुमंडल के सभी 32 केंद्रों पर परीक्षा के दौरान तैनात दंडाधिकारी से लेकर वीक्षक तक सतर्क दिखे। सातवें दिन की परीक्षा के दौरान कदाचार के आरोप में जिला मुख्यालय के छह परीक्षा केंद्रों से आठ परीक्षार्थियों को निष्कासित कर दिया गया। परीक्षार्थियों को डायट केंद्र से एक, दाऊद मेमोरियल हाई स्कूल से एक, विद्याभवन महिला कॉलेज से दो, महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर मखदूम सराय से दो, महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर माधव नगर से एक एवं डीएवी पीजी कॉलेज से एक को निष्कासित किया गया। निष्कासित छात्र या उनके अभिभावकों से जुर्माना राशि की वसूली की गई। मंगलवार को सातवें दिन की परीक्षा के दौरान दोनों पालियों में सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण का माहौल कायम रहा। परीक्षा केंद्र पर तैनात जवानों की सतर्कता के कारण लोगों की भीड़ केंद्र के बाहर नहीं दिखी। सुबह परीक्षा शुरू होने के साथ ही हर एक केंद्र की कड़ी चौकसी शुरू कर दी गई। सुबह दस बजे से ही अधिकारियों के वाहन परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे। वरीय अधिकारियों के अलावा उड़नदस्ता टीम के अधिकारियों ने सभी केंद्रों की जांच पड़ताल की। सभी केंद्रों पर परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व ही छात्र-छात्राओं की तलाशी ली गई। छात्राओं की तलाशी के लिए सभी केंद्रों पर महिला शिक्षिका तथा महिला पदाधिकारी की तैनाती की गई थी। बता दें कि पहली पाली में वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के भाषा विषय तथा द्वितीय पाली में मनोविज्ञान की परीक्षा संपन्न हुई। पहली पाली में कुल 22 हजार 660 परीक्षार्थियों में से 22 हजार 322 उपस्थित रहे तथा 338 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में छह हजार 174 में से छह हजार 57 परीक्षार्थी उपस्थित थे तथा 117 अनुपस्थित थे। वही प्रथम पाली में सात एवं द्वितीय पाली में एक को निष्कासित किया गया। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 28 हजार 834 परीक्षार्थियों में से 28 हजार 379 परीक्षार्थी शामिल थे तथा 455 अनुपस्थित थे।

#चाहे कुछ भी कर लो हम मानने वाले नही है :
इंटर परीक्षा को लेकर बोर्ड पहले से ही पूरी तैयारी में था। नकल रोकने के लिए बोर्ड एवं जिला प्रशासन ने एड़ी चोटी एक कि है कि किसी भी कीमत पर परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थी कोई भी चीट पुर्जा नही ले जा सके। लेकिन परिक्षर्थियों ने भी इसके लिए कसम ही खाई है कि तू डाल-डाल तो मैं पात-पात। चाहे तुम कितनी भी जांच करा लो मैं परीक्षा केंद्र के अंदर चीट ले जाकर ही रहूंगा। इसी का नतीजा है कि इंटर परीक्षा के पांचवे दिन यानि शनिवार को एक केंद्र पर स्मार्ट वाच से नकल करते एक परीक्षार्थी पकड़ा गया था। यही नही मंगलवार तक हुए इंटर परीक्षा में अभी तक दो दर्जन से अधिक परीक्षार्थी नकल के आरोप में निष्कासित हो चुके है। इस बारे में कही ना कही यह कहा जा सकता है कि बस नाम के लिए ही वीक्षक केंद्रों पर जांच कर रहे। अगर वे सही से जांच करते तो परीक्षा केंद्र के अंदर नकल के आरोप में बच्चे निष्कासित नही होते.