गर्मी से पंखा हांकती महिलाएँ 
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सारण :मुए के किनारे अईनी तनी बिजली देखा द ए बबुआ
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एकमा
नवादा पंचायत के चांडवा महादलित मोहल्ले की महिलाएं सड़क-बिजली को लेकर उतरेंगी सडकों पर
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मुहल्ले में नहीं जाती गाडियां 
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जेई द्वारा रिपोर्ट भेजने के बाद भी नहीं आई बिजली
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एकमा।प्रखंड स्थित रसूलपुर थाना की नवादा पंचायत के चांडवा गांव का महादलित मोहल्ला आजादी के सतर साल बाद भी सड़क-बिजली से मरहूम जिन्दगी काटने पर विवश हैं। स्थानीय चट्टी के एनएच पचासी से महज एक सौ मीटर भीतर नवादा पंचायत के इस महादलित मुहल्ले में चालिस वर्ष पहले बिजली के खंभे गड़ गए पर आज तक बिजली नसीब नहीं हुई।यहां की करीब 95 वर्षीय गिरिजा देवी व 70 वर्षीय राधिका देवी सवालिया लहजे में कहती हैं कि हमलोगों के जीते जी बिजली देखने को नहीं मिलेगी।वहीं मुहल्ले की सबसे बुजुर्ग महिला गिरिजा देवी हाथ पंखा झलते कहती हैं कि बबुआ “मुए के किनारे अईनी तनी हमहू बिजली देख लेती” आखिर त जिनगी बेना(हाथ पंखा) हांकते बीत गईल। ललन राम ,टीमल राम, रामजुगल राम आदि कहते हैं कि गर्मी जब रंग दिखाती है तो सारे मोहल्ले के बच्चे, बुढे जवान,महिला-पुरुष सभी बाहर निकल पेडों के नीचे पहुंच जाते हैं।यहां के ग्रामीण बताते हैं कि मुखिया से लेकर एमपी एम एल ए तक के वोट के दिनों में इस मुहल्ले में बिजली लाने की बात की जाती है पर हमें बार बार छलावा ही मिलता है।पहली बार आरक्षित सीट से गांव में मुखिया पद आया तो लोगों को लगा कि वंचित गरीब लोगों के लिए बिजली दिलाने के लिए नये मुखिया कदम उठायेंगे पर अब तक कोई खोज खबर नहीं ली गई।यहां के ग्रामीण कहते हैं कि अब फिर किसी अगले वोट की हम सब बाट जोह रहे हैं।देखें अबकी कौन हमें फंसाने आता है। वहीं सड़क को लेकर भी हालात वही है।गांव के युवक व समाजसेवी अखिलेश यादव भोला का कहते हैं कि ग्रामीण जमीन भी देने को तैयार हैं फिर भी सडक बनाने के लिए कोई जनप्रतिनिधि सामने नहीं  आ रहा है।अब यहां की महिलाएं सड़क-बिजली बिजली को लेकर सडकों पर उतरने का निर्णय ले चुकी हैं ।
मोहल्ले में महादलित और अन्य पिछड़ी जातियों को मिला कर करीब दो दर्जन से ऊपर परिवार हैं जो बिजली से वंचित है।बिजली पर पूछे जाने पर एकमा के जेई गौतम कुमार का कहना है कि इसके लिए जिला विद्युत अभियंता के पास प्रोजेक्ट करीब दो माह पहले ही भेजा गया है पर अब तक कोई खबर नहीं आई।जेई ने बताया कि एक बार फिर रिपोर्ट भेजी जा रही है।