सारण :माहाराणा प्रताप की पुण्यतिथि मनी
#संजय कुमार पाण्डेय

छपरा
महाराणा प्रताप की 421 वीं पुण्यतिथि सूरज भवन जोगणिया कोठी में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित करके हुआ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि शिक्षक नेता विश्वजीत सिंह चंदेल ने कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्र के प्रतीक है और उनका जीवन भारत की पहचान है। राष्ट्र-समाज के लिए त्याग-बलिदान के पर्याय है महाराणा प्रताप। महाराणा प्रताप का जीवन दर्शन भारतीय युवाओं में भारत की सुरक्षा और संरक्षा का संकल्प पैदा करने का माद्दा रखता है।

महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि समारोह अध्यक्षता कर रहे डॉ हरिमोहन कुमार पिंटू ने संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के नवजवानों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, श्रीकृष्ण से लेकर महाराणा प्रताप और शिवाजी के जीवन चरित्र को शिक्षा के पाठ्यक्रमों में स्थान देने की महति जरूरत है। जब भी राष्ट्र पर संकट होगा राष्ट्र खतरें में होगा, स्वधर्म एवं देश का स्वाभिमान खतरे में होगा उस समय महाराणा प्रताप का त्याग बलिदान अमरज्योति का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि माक्र्सवादी इतिहासकारों की सोच में भारतीय इतिहास से महाराणा प्रताप की गौरव गाथा को नदारत कर दिया है। युवा नेता धीरज सिंह ने कहा कि आज मानसिंह की प्रतीक तथाकथित सेकुलर राजनीति के मान-मर्दन के लिए महाराणा प्रताप जैसा नायक चाहिए। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता-अखण्डता की आवश्यक शर्त है देश के गद्दार मानसिंह जैसे लोगों का सर्वनाश। ऐसे लोेगों का सर्वनाश महाराणा प्रताप का जीवन दर्शन ही कर सकता है।
शिक्षक पंकज पांडे ने संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत के नवयुवकों के सामने महाराणा प्रताप जैसे राष्ट्रनायक का जीवन पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत न करने के कारण युवाओं में राष्ट्रभक्ति, स्वधर्म के प्रति आग्रह, देश समाज के लिए समर्पण के भाव का अभाव हुआ है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा इस संस्था की स्थापना कर उसका संचालन किया जा रहा है, ताकि यहाँ पढ़ने वाले छात्र-छात्रा अपने निजी जीवन के साथ-साथ देश और समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी का जिम्मेदारी के साथ दायित्व-निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम का संचालन विशाल सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन परमजीत कुमार ने किया इस अवसर पर मुख्य रूप से भूषण सिंह राकेश सिंह छोटू सिंह रंजय कुमार सिंह परमिंदर सिंह सुनील सिंह रंजय सिंह आदि प्रमुख रुप से मौजूद रहे।