चाइनीस की सामान आने से कुम्हारो को बढ़ी परेशानी
सारण / सोनपुर –दीपावली नजदीक आने के साथ ही कुम्हारो की चाके की रफ्तार तेज हो गई है । जब से हमारे देश में चाइनीज लाइटों का प्रयोग होने लगा है तब से हमारे देश की कुम्हारो के धीरे-धीरे मिट्टी से बर्तन बनाने का कार्य कम कर दिए हैं जिसके कारण। मिट्टी से सामान बनाने का कला धीरे-धीरे विलुप्त भी होते जा रहा है जहां कभी इसी मिट्टी के कार्यों कर उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती थी जिससे वे साल भर अपने इस कार्य को करते और अपने बच्चों को पेट भरते थे तो वह अब उनका पेट भरना भी अपने इस कार्य से मुश्किल पड़ रहा है। चाइनीस सामानों की लगातार माँग बढ़ रही। डिमांड व आधुनिक फैशन के दौर में आज उनकी कलाकारी विलुप्त होने के कगार पर है। दिन-रात की मेहनत पर विदेशी लाइट भारी पड़ रही है। लोग अपने परंपरागत संस्कृति को भूलते जा रहे हैं और आधुनिकता के इस दौर में अपनी संस्कृति को भूल रहे हैं। इस आधुनिक युग में कुम्हार अपनी बेबसी पर खुद आंसू बहा रहे हैं ।इधर कुछ वर्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर देश के लोग अब चाइनीस सामान से ज्यादा देश की निर्माण की गई वस्तु को ज्यादा उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कम कीमत में अच्छे समान तो चाइनीज की वस्तु मिलती है लेकिन इससे देश व समाज के लोगों को बदहाल व्यवस्था होने की संभावना दिख रही है । दीपावली के पर्व नजदीक आते ही कुम्हार अपना मिट्टी के विभिन्न प्रकार के दिए एवं मिट्टी के बर्तन, खिलौने तैयार करने का कार्य काफी त्रीव गति से कर रहे हैं। इधर कोरोना के कारण लोगों को आय के साधन कम होने से लोग मिट्टी के सामानों या चाइनीस सामान पूर्ण रूप से खरीद नही रहे हैं जिसके कारण कुम्हारों व दुकानदारो को भी काफी परेशानी होती दिख रही है।




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