सारण :मक्के की फसल में दाने नहीं आने से किसानों में मायूसी
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#मजबूत पौधों में हरियाली, दोहरी भुट्टे,पर दाने नदारद
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#बिटिया की शादी के लिए बृहद मात्रा में की थी मक्के की खेती।किसान रामबाबू की उम्मीदों पर फिरा पानी
#न्यूज़ इन्पुर -देवेन्द्र कुमार सिंह /रसूलपुर
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रसूलपुर:-एक तरफ महँगाई की मार तो दुसरी ओर मौसम की बेरूखी ने किसानों की हालत को बद से बदतर करने में लगी है।रिकार्ड तोड़ ठंडक ने जहाँ सरसों,आलू,अरहर की फसलों पर अपना कुप्रभाव डाल कर फसलों को नष्ट कर दिया वही तुलसी व नीम के पत्ते भी सुखकर झड़ गए।इन फसलों के नुकसान होने के बाद गेंहु व मक्के की फसल पर हीं किसान टकटकी लगाए बैठे थे परन्तु मौसम की बेरूखी का मक्के की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।खेतों में लहलहाती मजबुत हरे भरे मक्के के पौधों में जहाँ दोहरे भुट्टे तो पकड़े हैं परन्तु उन भुट्टों में यदा कदा ही दाने पकड़े हैं।जिससे किसानों में मायूसी छायी है।रसूलपुर थाना क्षेत्र के धानाडीह गाँव निवासी किसान रामबाबू सिंह हरेक बर्ष महज दस कट्ठे में मक्के की खेती कर अच्छी पैदावार लेते थे।इस बर्ष अपनी लाडली बिटिया की शादी के लिए रामबाबू ने एक एकड़ में मक्के की खेती की है परन्तु जब बच्चों की जिद्द पर वे भुट्टा तोड़ने खेत में गए तो भुट्टों में दाने नहीं देखकर उनकी उम्मीदें धरी की धरी रह गयी।एक माह बाद अप्रैल महीने में हीं बिटिया की शादी है।ऐसी बात नही कि फसल कमजोर है ।लहलहाती मक्के की फसल व दोहरी तेहरी भुट्टे को देख किसान रामबाबू बहुत खुश थे।उन्होंने एक एकड़ की खेती में मेहनत छोड़ दस हजार रूपये खर्च किए थे ताकि पैदावार अच्छी होगी तो बिटिया की शादी भली भाँति कर पाएँगे परन्तु मौसम की बेरूखी ने उनके सपनों को चुर कर दिया।




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