छपरा । गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं गोपालगंज में तटबंध के टुटने से वर्तमान में सारण जिला के पानापुर, तरैया, परसा एवं मकेर प्रखंड के कुल 12 पंचायतों के 31 गाँव प्रभावित हुए हैं। इसमें पानापुर और तरैया के चार-चार पंचायत तथा परसा और मकेर के दो-दो पंचायत शामिल हैं। जिला प्रशासन के द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुविधा के लिए 40 नावों का परिचालन किया जा रहा है एवं 11 सामुदायिक रसोई संचालित करायी गयी है जिसमें लगभग 3800 की संख्या में लोगों को भोजन दिया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निचले क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के दृष्टिगत पानापुर में 8, तरैया में 10 एवं मकेर में 12 एवं परसा में 10 कुल-40 नावों का परिचालन किया जा रहा है। पानापुर और तरैया में चार-चार एवं मकेर में तीन, कुल-11 सामुदायिक रसोई आरंभ की गयी है।जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा बताया गया है कि वर्तमान में नदी पर बने सभी 13 तटबंध सुरक्षित हैं जिसकी चौकसी रखी जा रही है। सभी अंचल अधिकारी एवं जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को सतत भ्रमणशील रहते हुए संवेदनषील स्थलों के संबंध में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने एवं आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।गंडक नदी का जल स्तर अभी खतरे के निशान के पास है। गंगा नदी का जल स्तर 1.40 मीटर नीचे तथा छपरा में घाघरा नदी का जल स्तर खतरे के निषान से 4 मीटर नीचे है। जल संसाधन विभाग द्वारा प्रतिवेदित है कि पिछले दिनों वाल्मिकी नगर बराज से दिनांक-15.07.2020 को 3 लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। पुनः दिनांक-21.07.2020 को लगभग 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे लगभग जलस्तर में 81से0मी0 की वृद्धि हुई है। विभाग की चेतावनी के आलोक में सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने एवं सतत् भ्रमणशील रहने तथा निचले इलाकों में माईकींग कराने का निर्देश दिया गया है।सारण जिलान्तर्गत जून में औसत वर्षापात 133.5 मी0मी0 के विरूद्ध 307.57 मी0मी0 दर्ज की गयी है। वहीं जुलाई के औसत 318.70 के विरूद्ध दिनांक-24.07.2020 तक 380.23 मी0मी0 दर्ज की गयी है। मई से जुलाई में अभी तक औसत वर्षापात से लगभग 90 प्रतिशत अधिक वर्षापात हो चुकी है।