सारण, तरैया। कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉक डाउन के दौरान तरैया प्रखंड मुख्यालय में चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तरैया मुखिया संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने कहा कि इस सामुदायिक रसोई से केवल तरैया बाजार और आसपास के लोगों को ही लाभ मिल रहा है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे गरीब व असहाय तथा दैनिक मजदूर जो काम के अभाव में घर पर बैठे हुए हैं उनको इस रसोई का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया की सामुदायिक रसोई सभी पंचायतों में चलाया जाय ताकि गरीब, असहाय विकलांग तथा दैनिक मजदूर जो दो जून के भोजन के लिए परेशान हैं, उन्हें इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रखंड मुख्यालय से पंचायतों की दूरी दो किलोमीटर से लेकर 10 किलोमीटर तक है। ऐसे में गरीब परिवार के लोग भोजन करने के लिए दोनों समय वहां नहीं जा सकते हैं। इस परिस्थिति में पंचायत स्तर पर सामुदायिक रसोई चलाया जाय। चैनपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अनिल यादव ने लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि अभी परिस्थिति बहुत नाजुक है। सभी काम बंद है। अधिकतर मजदूर बाहर से घर आ गए हैं और यहां उन्हें किसी प्रकार का रोजगार भी नहीं मिल रहा है। इस कारण उनके सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है। सरकार के द्वारा सामुदायिक रसोई चलाया जाना सार्थक पहल है और इसे पंचायतों में चलाया जाना चाहिए। सरेया रत्नाकर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार सिंह ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान सामुदायिक रसोई जरूरतमंद परिवार के लिए वरदान साबित होगा। लोग काम नहीं मिलने के कारण बेरोजगार हो गए हैं। उन्हें परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है। खाद्य सामग्री का दाम आसमान छू रहा है। ऐसे में उनके लिए भोजन की समस्या बढ़ते जा रहा है। इस ख्याल से पंचायत स्तर पर सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जानी चाहिए। भागवतपुर पंचायत के मुखिया मुकेश कुमार यादव, नारायणपुर पंचायत के मुखिया तारकेश्वर राय, डुमरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह बिक्कू समेत तरैया प्रखंड के सभी मुखिया ने सामुदायिक रसोई को सभी पंचायतों में चलाने की मांग की है।