सांसद रुडी का प्रयास लाया रंग, पिछले एक साल से नियुक्ति पत्र लेकर प्रतीक्षारत युवाओं ने मेघालय के ग्रामीण बैंक में किया योगदान
• श्री रुडी ने लोकसभा में उठाया था मुद्दा
• ग्रामीण बैंक के लिए चयनित युवाओं को मेघालय में योगदान देने से रोकने का था मामला
• नियुक्त होने वाले युवाओं ने सांसद श्री रुडी के प्रति आभार व्यक्त किया
सारण, 03 अगस्त, 2018 । जनहित की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहने वाले सारण लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव प्रताप रुडी का मेघालय के ग्रामीण बैंक के लिए चयनित युवाओं की समस्याओं के विषय को लोकसभा के बीते सत्र में शून्यकाल के दौरान उठाना सार्थक हुआ। मेघालय के ग्रामीण बैंक में नियुक्ति का प्रमाण पत्र लेकर पिछले एक वर्ष से भटक रहे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चालीस युवाओं ने मेघालय में अपना योगदान दे दिया है। नियुक्त होने वाले युवाओं ने सांसद श्री रुडी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे प्रखर नेता से ही जनता की अपेक्षा रहती है जो जनहित के मुद्दों को सरकार की नजर में लाते है और उनके समाधान होने तक प्रयासरत रहते है। दरअसल पिछले वर्ष ग्रामीण बैंक की नौकरी की परीक्षा में उतीर्ण युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों में नियुक्ति का प्रमाण पत्र दिया गया था। इसी में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 40 युवाओं को मेघालय के ग्रामीण बैंक में नियुक्ति का प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। लेकिन स्थानीय यूनियन द्वारा चयनित युवाओं को वहां योगदान देने में बाधा डाल दिया गया, जिस कारण ये सभी युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।
अपना नियुक्ति पत्र लेकर विभिन्न अधिकारियों के पास घूम रहे छात्रों को जब हर जगह से निराशा हाथ लगी तो उन्होंने जून माह में श्री रुडी से मुलाकात की और इस संदर्भ में उनसे मदद मांगी। ग्रामीण बैंक में पीओ के पद पर चयनित इन युवाओं की समस्या के निदान के लिए श्री रुडी ने मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा से बात की। इसी संदर्भ में सांसद ने लोकसभा सत्र में शून्यकाल के दौरान विषय को जोरदार ढंग से उठाया और बताया कि किस प्रकार ये युवा पिछले एक वर्ष से अपने भविष्य को लेकर परेशान है। श्री रुडी ने संसद में कहा था कि जब बिहार या झारखंड के युवा आईएएस या आईपीएस बनकर देश के किसी भी राज्य में अपना योगदान दे सकते है तो क्या बैंकिंग क्षेत्र में ऐसा कोई कानून या विधान है जिसके तहत किसी अन्य राज्य के युवाओं को किसी अन्य राज्य में सरकारी नौकरियों में योगदान नहीं देने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के क्षेत्रवाद को समाप्त करने की आवश्यकता है। ताकि देश के युवाओं को देश के किसी भी क्षेत्र में नियोजित किया जा सके। श्री रुडी की बात का संज्ञान लेते हुए केन्द्र सरकार के प्रयास से राज्य सरकार ने इस स्थानीय समस्या का निराकरण किया। इसके लिए श्री रुडी ने लोकसभा, केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।




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