
मांझी(सारण)। बरवां गांव निवासी पूर्व सैनिक व सन्यासी पुरुष 92 वर्षीय रामेश्वर सिंह नही रहे। उनके सुपुत्र कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शिव बालक सिंह ने बताया कि रामेश्वर जी 1973 में आर्मी के हवलदार पद से रियायर हुए थे। उसके बाद 1980 में सन्यासी बन कर मानव धर्म के प्रचार-प्रसार में अपने को लगा। मधुबनी आश्रम में रहने के दौरान जब वे अस्वस्थ रहने लगे तो दो वर्ष पहले हम और बड़े भाई शिक्षक स्व. राम बालक सिंह उनसे निवेदन कर घर लाये। जहां उन्होंने रविवार की शाम अपनी अंतिम सांस ली। हमारी माता जी जेसरा देवी भी 90 वर्ष की हो चुकी हैं। मगर अभी स्वस्थ हैं। उनके निधन पर रणजीत प्रताप सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, आनंद प्रताप सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ कामेश्वर प्रसाद सिंह, पूर्व मुखिया किशुन सिंह, कमलेश द्विवेदी, विजय कुमार मिश्रा, राजेश पाठक, तरुण तिवारी, डॉ शंकर चौबे, अधिवक्ता केएन सिंह, ओम प्रकाश सिंह कुशवाहा आदि ने शोक व्यक्त किया है।




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