शासी निकाय द्वारा बारी-बारी से दो अलग-अलग प्राचार्यों को नामित कर दिए जाने पर विवाद गहराया
माँझी(सारण) । माँझी इंटर कॉलेज में तदर्थ प्रबन्ध समिति तथा शासी निकाय द्वारा बारी बारी से दो अलग अलग प्राचार्यों को नामित कर दिए जाने के बाद कॉलेज में वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। बुधवार को बिहार बोर्ड के शैक्षणिक निदेशक द्वारा वर्तमान तदर्थ प्रबन्ध समिति को भंग करते हुए छपरा राजेन्द्र कॉलेजिएट के पूर्व प्राचार्य प्रो राजेन्द्र प्रसाद सिंह को शासी निकाय का अध्यक्ष नामित किया था। नामित अध्यक्ष प्रो सिंह ने भंग तदर्थ प्रबन्ध समिति पर मनमानी करने तथा खाता संचालन में अवैध रूप से दखलन्दाजी करने का आरोप लगाया था। साथ ही प्रो सत्य प्रकाश प्रसाद को उन्होंने विधिवत प्राचार्य के पद पर नामित करते हुए बगैर सूचना के कॉलेज में अनिश्चित कालीन तालाबंदी करने वालों के खिलाफ कथित रूप से कार्रवाई करने की बात भी कही थी। इस बीच गुरुवार को भंग तदर्थ प्रबन्ध समिति के सचिव सह प्राचार्य प्रो हरेन्द्र सिन्हा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी बोर्ड के शैक्षणिक निदेशक की चिट्ठी को फर्जी चिट्ठी बताया है। उन्होंने शासी निकाय के गठन को एक बड़ा षड्यंत्र करार देते हुए इसे एक गुट द्वारा कॉलेज पर अवैध कब्जा जमाने की साजिश बताया। उन्होंने शासी निकाय के गठन को गैर कानूनी तथा अब्यवहारिक बताया है। श्री सिन्हा ने प्रो सिंह को फर्जी अध्यक्ष तथा प्रो सत्य प्रकाश प्रसाद को निलंबित शिक्षक बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। शासी निकाय में शामिल किये गए सदस्यों की अहर्ता पर भी उन्होंने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज के कुल सात सौ परीक्षार्थियों के रजिस्ट्रेशन का कार्य विधिवत चल रहा है। जबकि दूसरा गुट उसमें खलल डालना चाहता है।। माँझी इंटर कॉलेज में तदर्थ प्रबन्ध समिति तथा शासी निकाय द्वारा बारी बारी से दो अलग अलग प्राचार्यों को नामित कर दिए जाने के बाद कॉलेज में वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। बुधवार को बिहार बोर्ड के शैक्षणिक निदेशक द्वारा वर्तमान तदर्थ प्रबन्ध समिति को भंग करते हुए छपरा राजेन्द्र कॉलेजिएट के पूर्व प्राचार्य प्रो राजेन्द्र प्रसाद सिंह को शासी निकाय का अध्यक्ष नामित किया था। नामित अध्यक्ष प्रो सिंह ने भंग तदर्थ प्रबन्ध समिति पर मनमानी करने तथा खाता संचालन में अवैध रूप से दखलन्दाजी करने का आरोप लगाया था। साथ ही प्रो सत्य प्रकाश प्रसाद को उन्होंने विधिवत प्राचार्य के पद पर नामित करते हुए बगैर सूचना के कॉलेज में अनिश्चित कालीन तालाबंदी करने वालों के खिलाफ कथित रूप से कार्रवाई करने की बात भी कही थी। इस बीच गुरुवार को भंग तदर्थ प्रबन्ध समिति के सचिव सह प्राचार्य प्रो हरेन्द्र सिन्हा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी बोर्ड के शैक्षणिक निदेशक की चिट्ठी को फर्जी चिट्ठी बताया है। उन्होंने शासी निकाय के गठन को एक बड़ा षड्यंत्र करार देते हुए इसे एक गुट द्वारा कॉलेज पर अवैध कब्जा जमाने की साजिश बताया। उन्होंने शासी निकाय के गठन को गैर कानूनी तथा अब्यवहारिक बताया है। श्री सिन्हा ने प्रो सिंह को फर्जी अध्यक्ष तथा प्रो सत्य प्रकाश प्रसाद को निलंबित शिक्षक बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। शासी निकाय में शामिल किये गए सदस्यों की अहर्ता पर भी उन्होंने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज के कुल सात सौ परीक्षार्थियों के रजिस्ट्रेशन का कार्य विधिवत चल रहा है। जबकि दूसरा गुट उसमें खलल डालना चाहता है।




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