मांझी(सारण)। बुधवार की रात मांझी पहुंचे सामान्य सा दिखने वाले एक विक्षिप्त युवक ने अपने अजीबोगरीब हरकत से स्थानीय पुलिस और पीएचसी कर्मियों की नींद हराम कर दी। विक्षिप्त युवक ने करीब आधा दर्जन पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला बोल दिया। इस दौरान उसने महिला स्वास्थ्यकर्मी क्रमशः प्रीति सिन्हा तथा रंजू देवी का गला दबा कर मार डालने की भी कोशिश की। दोनों का अब भी इलाज चल रहा है। विक्षिप्त के उत्पात से तंग स्वास्थ्य कर्मी पीएचसी के कमरों का दरवाजा बंद कर घण्टों दुबके रहे। अस्पताल छोड़कर भागे डॉ राम नरेश राम भी जख्मी हो गए हैं। इस क्रम में कई लोगों पर उसने लात घूसों से प्रहार भी किया। फिल्मी स्टाइल में अपनी अजीबो गरीब उछल कूद से पुलिस को उसने घण्टों छकाया। कई पुलिस कर्मियों ने बताया कि उसका हाथ पैर बांधने के बावजूद वह किसी अदृश्य शक्ति की भांति आश्चर्य जनक ढंग से उछल कूद करता रहा। एक दर्जन पुलिस कर्मियों को उसे काबू में करने के लिए घण्टों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। उछल कूद के कारण वह खुद लहूलुहान हो गया था। कई बार तो उसने अपने विकराल अंदाज से पुलिस को भी खदेड़ कर भागने पर मजबूर कर दिया। विक्षिप्त को चोट चपेट से बचाने के लिए पुलिस को कई तरकीबों का सहारा लेना पड़ा। बाद में किसी तरह पुलिस ने उसे पकड़ कर छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे तत्काल कोइलवर स्थित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में रेफर कर दिया। पुलिस उसे लेकर कोइलवर भी गई। उक्त अस्पताल में गुरुवार की दोपहर उसे एडमिट कर लिया गया। तब जाकर मांझी पुलिस को राहत मिली। मालूम हो कि बुधवार की देर शाम स्थानीय जलाल बाबा मजार के पास भटक रहे उक्त विक्षिप्त युवक को लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। रात्रि में युवक को मिर्गी जैसा दौरा पड़ा और वह बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में पुलिस ने इलाज के लिए उसे स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया। इलाज के क्रम में वह अचानक उठकर खड़ा हो गया तथा आधी रात को रहस्यमय तरीके से अजीबोगरीब ढंग से उत्पात मचाने लगा। वह कुछ बोल नही रहा था सिर्फ मुस्कुरा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह जमीन से पांच से छह फुट ऊपर तक आसानी से उछल जा रहा था। जिसे देखकर सबके रोंगटे खड़े हो जा रहे थे।