रेल इंजन पर ‘मेड इन मढ़ौड़ा’ के लिए संघर्ष तेज करने की बनी रणनीति, 20 फरवरी से शुरू होगा आमरण अनशन

ロ दलगत राजनीति से आंदोलनकारियों ने अपने को किया किनारा

मढ़ौड़ा (सारण) : बुधवार को स्थानीय गढ़देवी मंदिर परिसर में जनक्रांति मोर्चा के बैनर तले हुयीं बैठक में किसानों व मजदूरों ने ‘मेड इन मढ़ौड़ा’ लिखे जाने को लेकर रणनीति की ऐलान किया.बैठक के बाद मोर्चा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रशासन और रेल इंजन निर्माण कम्पनी जीई को एक अल्टीमेटम डेट 20 फरवरी को सुनिश्चत की गई हैं.जिसमें किसानों और ग्रामीणों ने कहा कि जनक्रांति मोर्चा 20 फरवरी से फैक्ट्री के गेट पर अनिश्चित कालीन धरना का शुभारंभ करेगा और तीन दिनों तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो धरना को आमरण अनशन में तब्दील कर आंदोलन को तेज किया जाएगा.वहीं किसान नेता हर्षवर्धन दीक्षित, कार्यक्रम संयोजक परमात्मा राय, मनोज गुप्ताऔर राजेश यादव ने स्पष्ट किया कि ये आंदोलन पूर्णतः गैर राजनीतिक होगा।जिसमें किसी भी दल के लोग समर्थन करते हैं, तो उनका स्वागत रहेगा.लेकिन संघर्ष केवल जनक्रांति मोर्चा के बैनर तले गैर राजनीतिक ढंग से अपनी मांगे मनवाने के लिए लड़ाई जारी रखेगा.

शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर केस किए जाने का किया निंदा-
सोमवार 11 फ़रवरी के दिन शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा मुकदमा करने कि नींदा की गयी और नामजद सभी 93 लोगों को निर्दोष बताया गया.मालूम हो की आंदोलनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाना लायीं थी. जिनमे विधायक जितेन्द्र राय , मुखिया प्रतिनिधि हर्षवर्धन दीक्षित , परमात्मा राय , मनोज गुप्ता , राजेश यादव समेत 56 लोगों को बेल बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया गया था। वहीं 93 लोगों पर गैर जमानतीय धारा के तहत केस किया गया हैं.

जानें क्या हैं प्रमुख मांगे-

किसानों की मांगो में प्रमुख रूप से निर्मित इंजन पर मेड इन रोजा न लिखकर मेड इन मढ़ौड़ा लिखा जाए. दूसरी मांगे भूमिदता परिवारों व स्थानीय हुनरमंद युवा बेरोज़गारों को नौकरी मिले.