दरियापुर (सारण)
प्रखंड क्षेत्र के ककरहट पंचायत के ककरहट गांव छठ व्रत का उत्सवी माहौल बृहस्पतिवार को गमगीन हो गया, जब रोते बिलखते दो बच्चों की माई रे माई चित्कार व करूण पुकार लोगों के कानों में गई। गाजे-बाजे के स्वर मंद पड़ गए। पता चला उत्क्रमित मध्य विद्यालय की रसोइया रेशम देवी अपने पुत्र मनजीत (17) व पुत्री पूजा (13) को अनाथ कर चल बसी उसके पूर्व उसके पति 2013 में ही चल बसे थे। बहरहाल, इन दो बच्चों को सहारा कौन देगा? प्रशासन उनके प्रति कितना संवेदनशील होगा? यह भविष्य के गर्भ में है।
जाहिर है कि रेशम कई दिनों से कै-दस्त से पीड़ित थी, अचानक गुरुवार को रेशम की हालत गंभीर हो गई और पीएचसी दरियापुर ले जाया गया, जहां से बिना प्राथमिक उपचार के ही रेफर कर दिया गया और इलाज के दौरान रेशम ने पीएमसीएच में आखिरी सांसें ली।
बताते चलें कि रेशम के एक पुत्री के विवाह 2010 में होने से निश्चिन्त रेशम अपने दो बच्चे की परवरिश किसी तरह कर रही थी, अब कौन करेगा? शिक्षा विभाग क्या उसके पुत्र मनजीत की पढ़ाई के साथ परवरिश के लिए आर्थिक सहायता देगा? और कब तक देगा? फिर पूजा की शादी कैसे हो? खैर अभी तो उसका अंतिम संस्कार हो गया है लेकिन आगे क्या होगा? समाज व प्रशासन पर निर्भर है।