
हिंदी व भोजपुरी की मौलिक कविताओं के माध्यम से समाज को दे रहे नयी दिशा
छपरा. युवा कवि, पत्रकार व लेखक प्रभात किरण हिमांशु ने अपनी ओजस्वी रचना के माध्यम से देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना दी है. उन्होंने अपनी कविता के द्वारा कम शब्दों में भारत के गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है. उनकी यह कविता ‘गौरवशाली भारत’ अंतरराष्ट्रीय स्तर के वर्चुअल कवि सम्मेलन में पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है. सारण जिले के छपरा के रहने वाले प्रभात अपनी कविताओं के माध्यम से मानवीय संवेदना को आवाज देते रहे हैं. उनकी हिंदी व भोजपुरी की कविताएं सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं.
गौरवशाली भारत
सम्मान भरे इन शब्दों से,
भारत का हम गुणगान करें,
गौरव कथाएं यहां हैं अनंत
आओ मिलकर आह्वान करें
यहां रणभूमि में समर शंख,
गीता का सार सुनाते हैं
यहां स्वयं विधाता सारथी बन
जीवन का मार्ग बताते हैं.
यह देह दान की धरती है
यहां बुद्ध को शाश्वत ज्ञान मिला,
दस मुंडों के ज्ञानी को भी
मर्यादा से सम्मान मिला
यहां सूर्य उतर कर धरती पर
बाधाओं से टकराया है
लक्ष्मी, राणा और बापू बन,
अपना परचम लहराया है
यहां बलिदानों का शिलालेख
संस्कृतियों का है नव सुलेख,
इस मातृभूमि के कण-कण पर
फिर क्यों ना हम अभिमान करें
गौरव कथाएं यहां हैं अनंत
आओ मिलकर आह्वान करें
भारत का हम गुणगान करें
भारत का हम गुणगान करें…
प्रभात किरण हिमांशु
युवा कवि, पत्रकार व लेखक
छपरा, सारण बिहार




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