मोतिहार आरटीआई कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह हत्याकांड को अंजाम देनेवाले मुख्य शूटर राणा ठाकुर पकड़ा गया
•पुलिस ने इस घटना पर पड़े रहस्यों का हटाया पर्दा !
मोतिहार: आरटीआई कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह हत्याकांड को अंजाम देनेवाले मुख्य शूटर राणा ठाकुर के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने इस घटना पर पड़े रहस्यों का पर्दा हटा दिया है। इस मामले में दबोचे गए बदमाश ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। जिसमें बताया है कि कैसे राजेंद्र के हत्या की साजिश की गई? कौन लोग साजिश में शामिल थे? साजिश के तहत कहां से और किन लोगों के साथ शूटर निकले थे? गिरफ्तार बदमाश ने प्रारंभिक तौर पर पुलिस को बताया है कि घटना से थोड़ी देर पहले ही उन्हें पिस्टल उपलब्ध कराया गया था। घटना में सफेद रंग की अपाचे बाइक का प्रयोग किया गया था। बाइक से दो लोग गए थे। जबकि हत्याकांड में नामजद पूर्व मुखिया की बोलेरो से एक बदमाश आगे गया था। पुलिस इन तमाम तथ्यों की जांच गोपनीय तौर पर कर रही है।
इस हत्याकांड में सबसे अहम रहा हत्या के दिन पुलिस को हाथ लगा सीसी कैमरे का एक वीडियो फुटेज। फुटेज में बाइक सवार दो युवकों का चेहरा सामने आया था। उसमें राणा ठाकुर आपाचे बाइक चलाते दिखा था। जबकि नितेश ¨सह पीछे बैठा था। दोनों कचहरी चौक से ही राजेन्द्र ¨सह का फॉलो कर रहे थे। दोनों को चेहरा कचहरी से लेकर घटनास्थल तक तीन स्थानों पर लगे सीसी कैमरे में कैद हुआ था। राजेंद्र की हत्या के पीछे गहरी साजिश की गई थी। इसके लिए मामले में नामजद पूर्व मुखिया ने तीन लाख की सुपारी दी थी। तीन लाख पाने के लिए बदमाशों ने आरटीआई कार्यकर्ता राजेन्द्र ¨सह की हत्या कर दी थी। बताया गया है कि हत्या के पूर्व मुखिया ने शूटरों को 2 लाख नकद पेशगी और 50 हजार का एक नाइन एमएम का पिस्टल उपलब्ध कराया था। शेष राशि काम हो जाने के बाद देने की बात कही गई थी। बताया गया है कि राणा को हिस्से में 50 हजार रुपये मिले थे। उसमें से कुछ रुपये पुलिस ने जब्त भी किए हैं। शातिर बदमाश द्वारा किए गए इस खुलासे के बाद पुलिस तमाम तथ्यों का सत्यापन कर रही है।