मानकों को ताक पर रख आशा कार्यकार्ताओ का हुआ चयन ।

माले नेता ने की जांच की मांग ।

पानापुर (सारण)पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा पूर्व के जनप्रतिनिधियों द्वारा सांठगांठ कर फर्जी तरीके से आशा कार्यकर्ताओं की बहाली करने का मामला प्रकाश में आया है। नियमो को ताक पर रखकर पूर्व के कई जनप्रतिनिधि अपने घर के सदस्यों का ही चयन कर लिए है वही एक जनप्रतिनिधि ने तो खुद की ही बहाली कर ली है। इस मामले को लेकर भाकपा माले के  जिला सचिव सभापति राय ने प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अन्य वरीय पदाधिकारियो को आवेदन देकर इस मामले की जांच कराने की मांग की है ।बीडीओ को दिए  आवेदन मे उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रखंड के  भोरहां पंचायत मे रिक्त तेरह आशा कार्यकार्ताओ का चयन बिना आमसभा किये कर लिया गया है तथा प्रत्येक आशा के आवेदक से मोटी राशि की वसूली की गई है।आशा कार्यकार्ताओ के चयन में नियमावली को दरकिनार कर जनप्रतिनिधियो के रिश्तेदार, जनप्रतिनिधि तथा सरकारी कर्मी के रिश्तेदार का चयन आशा के पद पर किया गया है जो व्यापक रूप से अनियमितता को दर्शाता है । उन्होंने आरोप लगाया  है कि पूर्व मुखिया की बहु,उपमुखिया की बहु,वार्ड सदस्य की बहु तथा सरकारी शिक्षक की पत्नी का चयन किया गया है जो  नियमावली का  स्पष्ट उल्लंघन है।इस मामले में पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी कुमार गौरव ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की जानकारी नही है ।वैसे अगर गलत हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी।