
मांझी(सारण)। मांझी इंटर कॉलेज में प्राचार्य पद का विवाद थमने के बजाय लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार को पुलिस की देख रेख में कार्यालय से परीक्षा सामग्री निकाले जाने के दौरान मनोनीत प्राचार्य प्रो पृथ्वी नाथ ओझा तथा पूर्व प्राचार्य प्रो रघुनाथ ओझा सहित उनके परीजनों द्वारा कुछ कागजात तथा अध्यक्ष की कुर्सी निकाले जाने पर राजकिशोर गुप्ता द्वारा जोरदार विरोध किया गया। जमकर हो हल्ला व हंगामा हुआ हालांकि बीचबचाव के कारण मारपीट टल गया। हुआ यूं कि आदेशपाल शशि भूषण सिंह ने ज्योहीं बन्द कार्यालय का ताला खोला तबतक एक पक्ष अध्यक्ष की कुर्सी निकालना चाहा इसपर दूसरा पक्ष विरोध जताने लगा। काफी हो हंगामा व कुर्सी की खींचातानी हुई लेकिन बाद में वहां मौजूद पुलिस कर्मियों द्वारा पुनः कुर्सी को यथावत रख कर ताला जड़ दिया गया। ताला के विवाद में दोनों पक्षों द्वारा कागजात चुराने अथवा हेराफेरी की शिकायत पुलिस से की गई है। मालूम हो कि बुधवार को कॉलेज के कार्यालय में पूर्व प्राचार्य प्रो रघुनाथ ओझा ने प्रेस कांफ्रेंस कर राजकिशोर गुप्ता को दानदाता सदस्य मानने से इनकार करते हुए उनके द्वारा लगाए जा रहे साढ़े तीन करोड़ गबन के आरोप को झूठ का पुलिंदा बताया था। तथा प्राचार्य पद के लिए जारी विवाद को विकास एवम विध्वंस के बीच की लड़ाई बताया था। पूर्व प्राचार्य के आरोपो के जबाब में श्री गुप्ता का कहना है कि डुमरी पीएनबी में वर्षों से संचालित रघुनाथ ओझा डेवलपमेंट खाता मांझी इंटर कॉलेज की सच्चाई बताएं। तथा उस खाते के आय ब्यय का ब्यौरा विभाग को दें। साथ ही यह भी बताएं कि विगत 23 दिसम्बर को खाता बन्द करने के पीछे उनकी क्या मंशा थी। एकल हस्ताक्षर से राशि की निकासी का अधिकार उन्हें किसने दिया। श्री गुप्ता ने प्रो पृथ्वी नाथ ओझा की नियुक्ति प्रक्रिया को अवैध करार दिया। दो पक्षों के विवाद के बीच एक और बात उभर कर आ रही है कि महाविद्यालय के शिक्षक भी दो भागों में बंटे हुए हैं अथवा वर्तमान लड़ाई से वे बेहद खिन्न हैं। नाम नही छापने के शर्त पर कई शिक्षकों ने बताया कि महाविद्यालय में पठन पाठन के प्रति किसी पक्ष की दिलचस्पी नही है। इस हालत से छात्र बेहद ब्याथित हैं। योग्य व समर्पित शिक्षकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। वह किसी भी हाल में न्याय संगत नही है। कॉलेज से जुड़े कई लोगों का मानना है कि जिला प्रशासन तथा स्थानीय बुद्धिजीवी यदि समय रहते पहल को आगे नही आये तो कॉलेज का बंटाधार रोकना असम्भव हो जाएगा। कई लोगों ने बताया कि कॉलेज के विवाद की गहराई से जांच की जाएगी तभी समाधान निकल पायेगा। फिलहाल शुक्रवार से पुलिस की निगरानी में पैक्टिकल की परीक्षा आयोजित की जाएगी।




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