मस्जिदों में अदा की गई अलविदा जुमा की नमाज
परवेज अख्तर/सिवान : जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्र के मस्जिदों में शुक्रवार को मुकद्दस रमजान के अलविदा व आखिरी जुमा की नमाज अदा की गई। नमाज अदा करने के पूर्व नमाजियों ने पवित्र स्नान कर तथा सफेद रंग के कपड़े व टोपी पहनकर नजदीक के मस्जिदों में पहुंचकर बड़े ही शिद्दत के साथ रमजान के अंतिम व अलविदा जुमा होने के कारण काफी संख्या में नमाजी नमाज में शामिल हुए। नमाज काे लेकर मस्जिदों की साफ-सफाई की गई थी। इस दौरान अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज-ए-अलविदा के बाद एक तरफ जहां पाक महीना रमजान के जाने का गम रोजेदार में दिखा, वहीं दूसरी ओर ईद की खुशी को लेकर रोजेदारों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
जानकारों ने बताया कि अलविदा का दिन रोजेदारों के लिए खास माना जाता है। इस दिन राेजेदार खुदा से जो भी जायज दुआ मांगता है, वह कबूल हो जाती है। रमजान के अलविदा जुमा की नमाज के खुतवा के पूर्व संबोधित करते हुए इमाम मुफ्ती महफुर्जुरहमान काशमी ने कहा कि रमजान का आखिरी अशरह भी हम से जुदा होने को है। इस अशरह में शबे कदर की तलाश करना बहुत बड़ी इबादत है। हजार महीनों की इबादत के बराबर है इस एक रात की इबादत। उन्होंने इस्लाम के वसूलों की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें प्रेम, भाईचारा व सामाजिक समानता पर जोर दिया गया है। उन्होंने इस्लाम में जकात की व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जकात निकाल कर गरीबों व जरूरतमंदों में बांटना जरूरी है। वहीं फितरा देना भी अनिवार्य है। इससे गरीबों को अभाव नहीं खटकता और वे भी ईद की खुशी में शामिल हो जाते हैं। जिला मुख्यालय के बड़ी मस्जिद, दरबार मस्जिद, नया किला मस्जिद, पुराना किला मस्जिद, ग्यारहवीं मस्जिद, रजिस्ट्री कचहरी मस्जिद, नूर अक्सा मस्जिद, शुक्ल टोली मस्जिद, दक्षिण टोला मस्जिद, तेलहट्टा बाजार स्थित मिरचाई शाह की मस्जिद, हाफीजी चौक स्थित करीम शाह की मस्जिद, नवलपुर मस्जिद समेत जिले के तमाम मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान के अलविदा की नमाज अदा की। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में मैरवा, लालगंज, मिसकरहीं, बैकुंठ छापर, बभनौली, कैथवली, खैरा, पतौआं, कविता, इंगलिश, बरासो, डोमडीह, जीरादेई, ठेपहां, तितरा, नौतन, मुरारपट्टी, मराछी, नारायणपुर, भंटापोखर, ओरमा, हुसैनगंज, बड़हरिया मुख्यालय समेत लौवान, छक्का टोला, मुर्गिया टोला, अटखम्भा, हरदिया, कुवही आदि मस्जिदों में नमाज अदा की गयी। इसके अलावा जामा मस्जिद बसंतपुर, बसांव, खोरीपाकर, सिपाह, शेखपुरा, बभनौली, महाराजगंज जामा मस्जिद, कपिया निजामत, लकड़ी नबीगंज, दारौंदा, भीखाबांध, सतजोड़ा, पचरूखी, तरवारा, सिसवन, ग्यासपुर, रघुनाथपुर, नौतन, भगवानपुर हाट, भीखमपुर, ब्रह्मास्थान, मछगरा, सोन्धानी, गुठनी, तरवारा, हसनुपरा, हुसैनगंज, गोरेयाकोठी, शेखपुरा, दुधड़ा, मुस्तफाबाद, आंदर, दरौली आदि मस्जिदों में रमजानुल के आखिरी अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई।
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